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विचार

opinion

अमरीका से भारत के लोकतंत्र पर हमला, राहुल गांधी की सामन्तवादी हताशा का प्रतीक: प्रो. विधु रावल

राहुल गांधी ने अमेरिका की प्रतिष्ठित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भारत के निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाये हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है जब उन्होंने विदेशी धरती पर भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया हो। यह…
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स्वतंत्रता की विरासत से सत्ता के विलास का भ्रष्टाचार: प्रो. विधु रावल

नेशनल हेराल्ड घोटाला महज एक आर्थिक अपराध नहीं, यह स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों और लोकतंत्र की आत्मा केसाथ किया गया एक अमानवीय विश्वासघात है। इस घोटाले के केंद्र में गांधी खानदान के उत्तराधिकारी सोनिया गांधी और राहुल गांधी खड़े हैं,…
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तुष्टिकरण पर लोकतंत्र की निर्णायक विजय: प्रो. विधु रावल

4 अप्रैल, 2025 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया, जब वक्फ संशोधन विधेयक-2025 देश की संसद के दोनों सदनों में भारी बहुमत से पारित हुआ। यह विधेयक केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना,…
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नये हरियाणा के नायाब सारथी

मुकेश वशिष्ठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नए भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नए भारत की गति नॉन—स्टॉप है। यह भारत, आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता हो, जो आत्मनिर्भर भारत बनने के लिए…
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‘नरेंद्र’ का विकसित भारत

मुकेश वशिष्ठस्वामी विवेकानंद, ऐसा युवा सन्यासी जिन्होंने 11 सितंबर 1893 अमेरिका पहुंचकर पूरी दुनिया को भारतीय दर्शन की अलौकिक ताकत का अहसास कराया। शिकागो की धर्म संसद में उन्होंने सिर्फ इतना ही तो कहा था, “अमरीकी भाइयों और बहनों”।…
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‘रील’ स्क्रोल कर-करके थके नहीं आप?

सहदेव माहौरआजकल की डिजिटल दुनिया में इंटरनेट ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और हाल ही में आया "रील्स" फीचर, ने भारतीयों के दैनिक जीवन में एक बड़ा स्थान बना लिया…
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बच्चों के अधिक सोशल मीडिया उपयोग पर नज़र रखें पेरेंट्स

कैलाश शर्मामास्टर आफ़ जर्नलिज्मस्वतंत्र पत्रकार लेखक विचारकआज सोशल मीडिया का जमाना है। आगे बढ़ने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग भी जरूरी है लेकिन इसके अधिक इस्तेमाल व दुरुपयोग खासकर बच्चों द्वारा करने के काफी दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं,…
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‘आध्यात्मिक गूंज-कविता सुमन‘, ‘अंतर्विद्यालयी कविता पाठ प्रतियोगिता‘

हे ईश्वर ! हमें बुराई से अच्छाई की ओर ले चलो। हे ईश्वर ! हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। हे ईश्वर ! हमें मृत्यु से मोक्ष की ओर ले चलो। नि:संदेह वेद-शास्त्र के इस कथन से तो हम सब भली-भांति परिचित ही है, परन्तु इस कथन को हकीकत में…
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हिन्दी दिवस

हिंदी दिवस के अवसर पर आज दिनाँक 14.09.2024 को प्रवक्ता हिंदी श्री नवीन कुमार भारद्वाज रा क व मा विद्यालय जैकबपुरा , गुरुग्राम से हिंदी दिवस के उपलक्ष में चर्चा हुई तो उन्होंने बताया की हिंदी भाषा हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती…
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जीवनदायिनी प्रकृति को आंख दिखाने के बेहद भयानक होंगे परिणाम

प्रकृति द्वारा बसाए गए जंगल को काटकर हमने अपनी सुविधा अनुसार कंक्रीट के बड़े-बड़े जंगल खड़े कर दिए। आज लोग अपनी गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं लेकिन इन पहाड़ों और हरियाली देने वाले पेड़ पौधो को भी तो काट काटकर आखिर कंक्रीट के…
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