सेवा के साथ शिक्षा और नशामुक्ति का संदेश — पाँच विद्यालयों में कारपेट वितरण

गुरुग्राम | भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा द्वारा श्रीमती कुसुम गर्ग, पत्नी श्री विजय कुमार गर्ग, सुपुत्री श्री मोतीलाल लालजी गर्ग ट्रस्ट के सहयोग से जरूरतमंद विद्यालयों में कारपेट वितरण का सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक पाँच विद्यालयों में कारपेट वितरित किए जा चुके हैं।

इसी सेवा अभियान के अंतर्गत आज श्रवण व वाणी निशक्तजन कल्याण केंद्र, सेक्टर-15, गुरुग्राम में बच्चों के बैठने की सुविधा के लिए 5×150 फीट का कारपेट प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ।

इस अवसर पर परिषद के वरिष्ठ सदस्य एवं ट्रस्ट के संचालक श्री मुकेश सिंगल जी ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने तथा भविष्य के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

परिषद के सेवा संयोजक श्री विश्व बंधु गुप्ता जी ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया तथा बुरी संगति से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर बच्चों एवं विद्यालय के स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम में श्रीमती रश्मि चौकसे राय जी, श्री महाकाल सेवा समिति ने बच्चों की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया तथा समय-समय पर पढ़ाई में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नविता शर्मा जी ने भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा एवं उपस्थित सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने परिषद द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में डॉ. नविता शर्मा, श्री अरविंद शर्मा, श्री मुकेश सिंगल, श्रीमती रश्मि चौकसे राय एवं श्री विश्व बंधु गुप्ता सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बच्चे उपस्थित रहे।

सेवा समिति की ओर से शिक्षा, बाल कल्याण, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग और सहभागिता का संदेश दिया गया।

भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा संचालित यह सेवा अभियान शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति और जरूरतमंद बच्चों के सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.