विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर यथार्थ हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ब्रेन ट्यूमर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार की आवश्यकता पर दिया जोर
फरीदाबाद : विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर फरीदाबाद के सेक्टर-20 स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने आज ब्रेन ट्यूमर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष जन-जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम में ब्रेन ट्यूमर की जल्द पहचान, समय पर उपचार और आधुनिक डायग्नोस्टिक एवं सर्जिकल तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला गया, जो मरीजों के उपचार परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान करने, इलाज में देरी से बचने और लगातार न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच कराने के लिए प्रेरित करना था।
डॉक्टरों ने बताया कि लगातार सिरदर्द, दौरे पड़ना, बिना किसी स्पष्ट कारण के उल्टी होना, दृष्टि में बदलाव, हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में कठिनाई, याददाश्त संबंधी समस्याएं तथा व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि ये लक्षण हमेशा ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होते, लेकिन योग्य चिकित्सक द्वारा समय पर जांच कराने से गंभीर बीमारियों का जल्दी पता लगाया जा सकता है और उपचार के विकल्प बढ़ जाते हैं।
इस अवसर पर यथार्थ हॉस्पिटल, सेक्टर-20, फरीदाबाद के न्यूरोसर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. भूपेंद्र फौजदार ने कहा, “पिछले एक दशक में न्यूरोइमेजिंग, मिनिमली इनवेसिव तकनीकों, न्यूरोनेविगेशन और मल्टीडिसिप्लिनरी न्यूरो-ऑन्कोलॉजी देखभाल में हुई प्रगति ने ब्रेन ट्यूमर की पहले से अधिक सटीक और प्रारंभिक पहचान तथा उपचार को संभव बनाया है। लोगों को हर सिरदर्द से घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि लक्षण लगातार बने रहें, बढ़ते जाएं या किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या से जुड़े हों, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर पहचान और उपचार से कई जीवन बचाए जा सकते हैं तथा मरीजों की न्यूरोलॉजिकल कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।”
विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक एमआरआई आधारित इमेजिंग, एडवांस्ड सर्जिकल प्लानिंग, बेहतर एनेस्थीसिया प्रोटोकॉल, प्रिसिशन रेडियोथेरेपी और टार्गेटेड उपचार रणनीतियां चिकित्सकों को प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार तय करने में मदद कर रही हैं। उपचार के परिणाम ट्यूमर के प्रकार, स्थान, आकार, मॉलिक्यूलर विशेषताओं और मरीज के समग्र स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं, लेकिन आमतौर पर शुरुआती चरण में निदान होने पर उपचार की योजना अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकती है।
जागरूकता सत्र के दौरान ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी कई आम भ्रांतियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसरस नहीं होते, सभी मरीजों के लिए एक जैसा उपचार आवश्यक नहीं होता और कई न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बने रहने वाले लक्षणों के लिए स्वयं निदान करना या लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन करना उचित उपचार में देरी कर सकता है। प्रतिभागियों को नियमित फॉलो-अप, चिकित्सकीय जांच और अचानक दौरे, गंभीर कमजोरी या अन्य आपात न्यूरोलॉजिकल लक्षणों की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई।
डॉ. फौजदार ने आगे कहा, “जन-जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कई मरीज तब हॉस्पिटल पहुंचते हैं जब उनके लक्षण काफी गंभीर हो चुके होते हैं। परिवारों को नए प्रकार के दौरे, लगातार बढ़ते सिरदर्द, बिना कारण उल्टी, दृष्टि में बदलाव, बोलने में कठिनाई, संतुलन बिगड़ना या धीरे-धीरे बढ़ती कमजोरी जैसे चेतावनी संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या समय के साथ बढ़ते जाएं, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। आज उपलब्ध एडवांस्ड डायग्नोस्टिक तकनीकों और समन्वित उपचार पद्धतियों के माध्यम से समय पर न्यूरोसर्जरी और न्यूरो-ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों तक पहुंच मरीजों के उपचार परिणामों, पुनर्वास और दीर्घकालिक जीवन गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार ला सकती है।”
यथार्थ हॉस्पिटल, सेक्टर-20, फरीदाबाद समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखे हुए है, ताकि लोग समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकें, सही निर्णय ले सकें और न्यूरोलॉजिकल तथा न्यूरो-ऑन्कोलॉजी सेवाओं तक समय पर पहुंच सुनिश्चित हो सके।
