पंचकूला चेंबर्स की बैठक में उद्योगों की समस्याओं पर मंथन, सरकार से ठोस कार्ययोजना की मांग
पंचकूला। पंचकूला चेंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को चेयरमैन अरुण ग्रोवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया और सरकार से ठोस कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई।
बैठक के दौरान प्रॉपर्टी टैक्स और गार्बेज टैक्स का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा। उद्योगपति अजीत अरोड़ा ने बताया कि वर्ल्ड एंड हाफ कैनाल क्षेत्र की प्रॉपर्टी पर भी 3000 रुपये मासिक गार्बेज टैक्स वसूला जा रहा है, जबकि वहां मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। विनय बंसल ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे इंडस्ट्रियल एरिया के लिए मात्र एक या दो कूड़ा गाड़ियां आती हैं, जो आवश्यकता के मुकाबले बेहद कम हैं।
डी.पी. सिंगल ने ट्रैफिक व्यवस्था की समस्या उठाते हुए कहा कि सरकारी हॉर्टिकल्चर के पास इंडस्ट्रियल एरिया की मुख्य सड़क से पहले लगी छोटी ट्रैफिक लाइट लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे सड़क पार करने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अरुण ग्रोवर ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में सड़कों और सफाई की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उन्होंने बताया कि वे कई बार संबंधित विभागों को लिखित रूप में समस्याओं से अवगत करा चुके हैं और रिसीविंग लेटर भी प्राप्त हुए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योगों की आवाज उठाने का उनका प्रयास जारी रहेगा, परंतु प्रशासन को भी ठोस कदम उठाने होंगे।
ग्रोवर ने सुझाव दिया कि जिस प्रकार कर्नाटक सरकार ने 5 एफएआर लागू किया है, उसी प्रकार हरियाणा सरकार को भी पंचकूला सहित अन्य एनसीआर क्षेत्रों में एफएआर बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि इससे राजस्व में वृद्धि होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने 2006 के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम 2006 (एमएसएमई एक्ट) का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी ट्रेड को इसका लाभ मिलना चाहिए और प्रत्येक उद्योग के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही हरियाणा इंडस्ट्री फ्रेंडली काउंसिल के माध्यम से 30 प्रतिशत समस्याओं का छह माह के भीतर समाधान करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में इंडस्ट्रियल एरिया में पार्किंग सुविधा की कमी, ग्रीन पार्क के अभाव तथा अवैध गतिविधियों में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई गई। उद्योगपतियों ने पीसीआर गश्त बढ़ाने और नियमित जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी की कर्मचारी दिव्या सिंह नरवत विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उद्योगपतियों ने उनके समक्ष अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और आशा जताई कि वे इन मुद्दों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगी। बैठक में इंडस्ट्रियल एरिया के एएसआई सतीश कुमार, एचएसआईआईडीसी के ऋषि अरोड़ा, विकास कुमार (जेई) सहित अनेक अधिकारी एवं प्रमुख उद्योगपति—गोपाल बंसल, विनय बंसल, सचिन सूद, सुमित अग्रवाल, सुनील बंसल, राकेश शर्मा, आदित्य गुप्ता, अजय गुप्ता, विनय नारद, वीरेंद्र गर्ग, डी.पी. सिंगल, अमरनाथ गोयल, संजीव तलवार आदि शामिल रहे।
