दो वर्षों में 7,000 से अधिक कुत्तों की गई नसबंदी और एंटी-रेबीज़ टीकाकरण
फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खडग़टा के दिशा निर्देशों पर फरीदाबाद नगर निगम द्वारा संचालित पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 7,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज़ टीकाकरण किया गया है। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नीतीश परवाल के मार्गदर्शन में इस कार्यप्रणाली को देख रही वृंदा शर्मा ने जानकारी दी कि वर्तमान चरण में कार्यक्रम का ध्यान उन क्षेत्रों पर भी केंद्रित है जहाँ पहले नसबंदी की दर अपेक्षाकृत कम थी, जैसे एसी नगर, एसजीएम नगर, सिही गांव आदि । इन क्षेत्रों में क्रमबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है ताकि शहर में संतुलित कवरेज सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत केवल फील्ड कार्य ही नहीं, बल्कि पशु चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग भी किया जा रहा है, जिससे राज्य स्तर पर क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिले। कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए वृंदा शर्मा ने बताया कि लोगों को यह समझाना सबसे चुनौतीपूर्ण होता है कि नियमों के अनुसार कुत्तों का स्थानांतरण (रिलोकेशन) नहीं किया जा सकता। यह एक वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रक्रिया है। कुत्तों को उठाकर उनकी नसबंदी और टीकाकरण किया जाता है, उपचार और देखभाल के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाता है। उनका वापस उसी क्षेत्र में जाना सार्वजनिक स्वास्थ्य और पशु कल्याण, दोनों के लिए आवश्यक है। यह कार्यक्रम एनिमल बर्थ कानून 2023 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है, जिनके अनुसार नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में ही छोड़ा जाना आवश्यक है।
ऐसा न करने पर उस क्षेत्र में नए, बिना टीकाकरण वाले कुत्तों के आने की संभावना बढ़ जाती है। शहर के मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. वर्मा के अनुसार, रेबीज़ नियंत्रण में कुत्तों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है क्योंकि उनका अपना क्षेत्र होता है। जब टीकाकृत कुत्ते अपने क्षेत्र में रहते हैं, तो वे संक्रमण के प्रसार को रोकने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत शिकायतें विभिन्न सरकारी पोर्टलों के साथ-साथ कॉल और संदेशों के माध्यम से प्राप्त होती हैं। इसके आधार पर टीम द्वारा कुत्तों को चिन्हित कर उठाया जाता है, उनकी नसबंदी और टीकाकरण किया जाता है, और स्वस्थ होने के बाद उन्हें वापस उसी स्थान पर छोड़ा जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार भी कुछ परिवर्तन देखने को मिले हैं। सेक्टर 16 की निवासी वर्षा राघव ने बताया, पहले हमें इस सेवा की जानकारी नहीं थी। अब हमारे क्षेत्र के अधिकांश कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है और उनका व्यवहार भी पहले से शांत हुआ है। कार्यक्रम में सामुदायिक सहयोग भी देखने को मिला है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आरती ने कहा, पिछले कुछ समय में जिस तरह से नसबंदी और टीकाकरण हुआ है, उससे काम में गति आई है। नगर निगम द्वारा कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
