अंगदान से मिल सकती है किसी को जिंदगी की नई उम्मीद : डा. जितेंद्र कुमार

फरीदाबाद । विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके अंगों का दान कई गंभीर मरीजों को नया जीवन दे सकता है। किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े और आंखों जैसे अंग जरूरतमंद मरीजों के प्रत्यारोपण में उपयोगी साबित हो सकते हैं। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 86 स्तिथ एकॉर्ड अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर जितेंद्र कुमार के अनुसार, अंग प्रत्यारोपण की जरूरत सबसे अधिक उन मरीजों को होती है, जिनके अंग किसी गंभीर बीमारी के कारण काम करना बंद कर चुके हैं। खासकर किडनी फेल्योर के मरीजों के लिए किडनी प्रत्यारोपण लंबे समय तक बेहतर जीवन जीने का महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है। कई मरीज नियमित डायलिसिस पर निर्भर रहते हैं और उपयुक्त डोनर मिलने पर ट्रांसप्लांट के जरिए उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि अंगदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। मृत्यु के बाद दान किए गए अंग किसी दूसरे व्यक्ति के लिए जीवन की नई शुरुआत बन सकते हैं। लोगों को अंगदान की प्रक्रिया, कानूनी प्रावधानों और चिकित्सकीय मानकों की सही जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अंगदान के लिए परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। कई बार लोग जानकारी के अभाव में अंगदान से जुड़े निर्णय लेने में संकोच करते हैं। ऐसे में अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को लोगों को वैज्ञानिक और सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना भी जरूरी है।  अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी उदाहरण है हालांकि प्रत्येक अंग प्रत्यारोपण के लिए चिकित्सकीय जांच और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी होता है। डोनर और मरीज की उपयुक्तता का फैसला विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम करती है। लोगों को अंगदान के बारे में अपने परिवार से भी बातचीत करनी चाहिए, ताकि जरूरत पडऩे पर उनकी इच्छा परिवार के सदस्यों को स्पष्ट रूप से पता हो।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.