दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी में हुआ डॉ. राजेश मंगला के काव्य संग्रह ‘कविता वाटिका’ का विमोचन

पलवल। ब्यूरो चीफ संतोष शर्मा, दूधौला मैं स्थित श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगीत लेखक, प्रसिद्ध साहित्यकार व शिक्षाविद डॉ. राजेश कुमार मंगला ‘पार्थ’ के नवीनतम काव्य संग्रह ‘कविता वाटिका’ का विमोचन दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, रोहतक के कुलपति एवं पूर्व में हरियाणा भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मीडिया सलाहकार रहे डॉ. अमित आर्य के करकमलों से हुआ। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार मंगला ने उन्हें श्रीफल व पुष्पगुच्छ भेंट कर कुलपति डॉ. अमित आर्य का स्वागत किया वही अपनी पुस्तक के विषय में बताया कि इस काव्य संग्रह की शुरुआत विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी, दूधौला, पलवल के लिए रचित उनके कुलगीत से होती है।उन्होंने कहा कि इस संग्रह में सामाजिक सरोकार, जीवन के विविध रंग, हर्ष-विषाद, यथार्थ एवं गहन मानवीय संवेदनाओं को एक उपवन की तरह सृजित किया गया है।
आपको बता दें कि डॉ.राजेश कुमार मंगला अपने परिचय के मोहताज नहीं है वह हरियाणा के पलवल मैं स्थित कानून गोयान मोहल्ला के मूल निवासी है वो अपनी करीब- 30 वर्षों की शैक्षणिक उपलब्धियों के अलावा एक कुशल कवि भी हैं, जिनके द्वारा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर कई संग्रह प्रकाशित हुए हैं।

वैसे तो डॉ. मंगला को उनके साहित्यिक योगदान के लिए हरियाणा के माननीय महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय द्वारा साहित्य रतन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्यों में सामाजिक, साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अनेकों बार सम्मानित हो चुके हैं। वही डॉ.राजेश कुमार मंगला ने विमोचन के दौरान अपनी लिखित पुस्तकें कृतियों ‘अतीत के गहने’, ‘कम्युनिकेशन, मीडिएशन एंड रिजोल्यूशन’ तथा ‘राइटिंग स्किल्स एंड आर्ट ऑफ रिटोरिक’ भी कुलपति महोदय को भेंट कीं। इस अवसर पर कुलपति डॉ.अमित आर्य ने डॉ.राजेश कुमार मंगला को शानदार लेखन के लिए बधाई देते हुए कहा कि वे उनकी रचनाशीलता से भली-भांति परिचित हैं, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी प्रिय है।

विमोचन समारोह में सहकार भारती के प्रान्त मंत्री मोहित पाठक,पत्रकार प्रेस महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री, संतोष शर्मा, अधिवक्ता मनोज कुमार, अधिवक्ता देववृत सहरावत, एसोसिएट प्रोफेसर बेनुल ‘बेपरवाह’, संजय, आनंद, रामवीर,सहित अन्य गणमान्य शिक्षाविद, पत्रकार एवं प्रबुद्धजन मौजूद रहे। सभी ने डॉ. मंगला को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की।

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