अरुण ग्रोवर की अध्यक्षता में पीसीसीआई की अहम बैठक, औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा और विकास रणनीति पर मंथन

पंचकूला। पंचकूला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ (पीसीसीआई) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पीसीसीआई अध्यक्ष एवं अमरटेक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण ग्रोवर ने की। बैठक में सेक्टर-20 पुलिस चौकी से एएसआई मलकीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अरुण ग्रोवर ने औद्योगिक क्षेत्र एवं उसके आसपास की गंभीर समस्याओं को पुलिस प्रशासन के समक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने अंडरब्रिज के समीप शराब के ठेके खोले जाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इसी मार्ग से उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारी और उनके बच्चे, विशेषकर बच्चियां, रोजाना आवाजाही करते हैं। खुले में शराब पीने वालों की गतिविधियों और अभद्र टिप्पणियों के कारण असुरक्षा और भय का माहौल बन रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

इसके अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र में रॉन्ग साइड ड्राइविंग, सड़क अव्यवस्था, अवैध गतिविधियां, भारी वाहनों की स्थायी पार्किंग और यातायात संबंधी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केवल समस्याओं तक ही सीमित न रहते हुए भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र के समग्र विकास, सरकार से बेहतर समन्वय और योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

सदस्यों ने कहा कि जिस प्रकार कोविड काल में उद्योग जगत ने सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाई थी, उसी तरह आने वाले समय में भी इंडस्ट्री और प्रशासन मिलकर पंचकूला के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को सशक्त करेंगे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी प्रमुख मुद्दों को लेकर संबंधित सरकारी विभागों को औपचारिक पत्र भेजे जाएंगे। साथ ही पीसीसीआई की बैठक अब हर माह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि समस्याओं की निरंतर समीक्षा और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

बैठक की शुरुआत में अरुण ग्रोवर ने सभी सदस्यों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उद्योग और प्रशासन के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर दिया। बैठक में पीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य संजीव तलवार, महेश सभरवाल, वरुण ग्रोवर, डी.पी. सिंगल, संदीप दीवान, सुनील जैन, अजय गुप्ता और विनय नारद भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।

पीसीसीआई ने प्रशासन से अपील की है कि औद्योगिक क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख वातावरण सुनिश्चित हो सके।

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