जे.सी.बोस विश्वविद्यालय में 10 दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का समापन, विशेषज्ञों ने नवाचार और कोर इंजीनियरिंग पर दिया जोर

फरीदाबाद। जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित 10 दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ तकनीकी, सांस्कृतिक, रचनात्मक और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके समग्र विकास के लिए एक सुदृढ़ आधार प्रदान करना था।
समापन समारोह में एमवी मोबिलिटी लिमिटेड एवं क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक लिमिटेड के संस्थापक तथा वाईएमसीए मॉब एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित वोहरा मुख्य अतिथि रहे, जबकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार एवं वैज्ञानिक-जी प्रवीण रॉय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन तथा अतिथियों को पौधे भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. संजीव गोयल ने अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके पश्चात मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. हरिओम ने 10 दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

उन्होंने कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी दी। डीन प्रो. राजेश आहूजा तथा प्रो. मुनीष वशिष्ठ ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की संस्कृति समझने और नए वातावरण के अनुरूप स्वयं को ढालने में मदद करते हैं।
उद्योगपति एवं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र सुरेश कुमार कालरा ने विद्यार्थियों के साथ अपने पेशेवर अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को कोर इंजीनियरिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी और कहा कि इस क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान रखने वाले इंजीनियरों की भारी मांग है।विशिष्ट अतिथि प्रवीण रॉय ने युवा नवाचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया के तहत शैक्षणिक संस्थानों में 175 से अधिक टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर कार्यरत हैं, जहाँ विद्यार्थी अनुप्रयुक्त विज्ञान और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर कार्य कर सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को सीड फंडिंग के अवसरों से अवगत कराते हुए कहा कि डिग्री का उद्देश्य केवल बायोडाटा बेहतर करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करना होना चाहिए।
मुख्य अतिथि मोहित वोहरा ने विद्यार्थियों को तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के दौर में प्रमुख कंपनियों के अनुसंधान एवं विकास पैटर्न का अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विषयों से जुड़े स्टार्टअप्स और नए विचारों को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, मॉब हाउस पहल के बारे में बताते हुए कहा कि यह मंच विद्यार्थियों को अभिनव विचारों पर कार्य करने का अवसर देता है। कार्यक्रम के ओवरऑल कोऑर्डिनेटर प्रो. राज कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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