अरावली में डंपिंग यार्ड के विरोध में उतरे सैनिक कॉलोनी के लोग, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से लगाई गुहार

फरीदाबाद। अरावली क्षेत्र में भांखरी गांव के पास बनाए जा रहे डंपिंग यार्ड को लेकर स्थानीय निवासियों का विरोध अब और व्यापक हो गया है। सोमवार को सैनिक कॉलोनी और ग्राम भांखरी के निवासियों ने भारी संख्या में सेक्टर-16 स्थित सागर सिनेमा के पास भाजपा कार्यालय पहुंचकर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से मुलाकात की और उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने खुले में कचरा डाले जाने से जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर कड़ा विरोध जताया।
ग्रामीणों और कॉलोनी वासियों का स्पष्ट कहना है कि अरावली क्षेत्र में रोजाना भारी मात्रा में कचरा डंप किए जाने से प्राकृतिक पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो जाएगा।

भांखरी में 600 टन क्षमता का आधुनिक प्री-प्रोसेसिंग प्लांट होगा स्थापित: विपुल गोयल
क्षेत्रवासियों की समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार पूरी तरह संजीदा है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड स्थित ग्राम भाखरी में कचरे की समस्या से निपटने के लिए 600 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला आधुनिक प्री-प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही स्वीकृति प्रदान कर चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि यह पहल क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को पूरी तरह से व्यवस्थित, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना, जन स्वास्थ्य की रक्षा करना और क्षेत्रवासियों की समस्याओं का स्थायी व वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और सैनिक कॉलोनी वासियों का कहना है कि अरावली की पहाड़ियां फरीदाबाद के पर्यावरण को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। कचरे के निस्तारण के लिए ऐसी तकनीक अपनाई जाए जिससे पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे और घनी आबादी को बदबू व प्रदूषण से मुक्ति मिले।

नगर निगम की व्यवस्था से ग्रामीण असंतुष्ट
गौरतलब है कि भांखरी अरावली क्षेत्र में कचरा डंप करने के खिलाफ स्थानीय लोग पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं। पूर्व में नगर निगम की गाड़ियों को रोककर प्रदर्शन, धरने और महापंचायतें भी हो चुकी हैं। नगर निगम प्रशासन इसे शहर के रोजाना कचरे के निपटान के लिए ‘अस्थायी व्यवस्था’ बता रहा है, जबकि ग्रामीण इसका वैज्ञानिक और स्थायी समाधान चाहते हैं। मंत्री के आश्वासन के बाद अब क्षेत्रवासियों को सरकार की ओर से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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