जेलों में आईटीआई और ओपन जेल मॉडल का होगा विस्तार : आलोक मित्तल

डीजीपी जेल ने किया फरीदाबाद नीमका का दौरा, सुसाइड के केस जताई चिंता

फरीदाबाद। हरियाणा के डीजीपी (जेल) आलोक मित्तल ने शुक्रवार को फरीदाबाद स्थित नीमका जेल का दौरा कर जेल प्रशासन और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा कैदियों के पुनर्वास और सुधार को लेकर चल रही योजनाओं की समीक्षा की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा देना नहीं है, बल्कि उन्हें सुधारकर समाज की मुख्यधारा से जोडऩा भी है। इसी सोच के तहत जेल विभाग लगातार नई पहलें कर रहा है। डीजीपी आलोक मित्तल ने जेलों में बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकना विभाग की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि कई बार जेल में आने के बाद कैदी मानसिक तनाव, अकेलेपन और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों की पहचान कर उन्हें समय पर परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कैदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेलों में चिकित्सकीय सुविधाओं को मजबूत किया गया है तथा बीमार कैदियों के उपचार के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक भी रखा जा रहा है ताकि किसी भी कैदी को इलाज में परेशानी न हो।

डीजीपी ने बताया कि कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और रिहाई के बाद उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेलों में आईटीआई जैसी व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाएं शुरू की गई हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कैदी विभिन्न तकनीकी और रोजगारपरक कौशल सीख सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग ओपन जेल मॉडल के विस्तार पर भी कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य अच्छा आचरण रखने वाले कैदियों को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाना और उन्हें सामान्य जीवन के लिए तैयार करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से कैदियों के पुनर्वास को मजबूती मिलेगी और अपराध की पुनरावृत्ति में भी कमी आएगी।

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