जे.सी.बोस यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए जर्मनी में खुलेंगे रोजगार के द्वार, कोटिंग कॉन्सेप्ट्स कंपनी करेगी 180 तकनीशियनों की भर्ती
फरीदाबाद। जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। जर्मनी की प्रतिष्ठित कंपनी ‘कोटिंग कॉन्सेप्ट्स’ ने विश्वविद्यालय से लगभग 180 कुशल तकनीशियनों एवं औद्योगिक कोटिंग विशेषज्ञों की भर्ती करने की इच्छा व्यक्त की है। इस संबंध में जर्मनी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर कौशल प्रशिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया। भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2027 में शुरू होगी और चयनित अभ्यर्थियों को जर्मनी जाने से पहले ए2 स्तर का जर्मन भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में कोटिंग कॉन्सेप्ट्स की प्रबंध निदेशक जनीना राडोविक, लॉजिस्टिक्स एवं वर्क प्रिपरेशन प्रमुख एंड्रियास फालर,प्रोडक्शन मैनेजर डेविड फ्रैंक तथा सर्जियस स्टीनमार्क शामिल रहे। इस दौरे का समन्वय ‘इंटरनेशनल टैलेंट सॉल्यूशंस’ के सीईओ अल्बर्ट बाकर, ‘इंडो यूरो सिंक्रोनाइजेशन ग्रुप’ के अध्यक्ष राज वंगापांडु तथा निदेशक राजीव गुलाटी ने किया।
विश्वविद्यालय के बोर्ड रूम में आयोजित औपचारिक सत्र की अध्यक्षता डीन (एकेडमिक अफेयर्स) प्रो. नरेश चौहान ने की। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. राजेश आहूजा ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला। बैठक के दौरान डॉ. रश्मि पोपली ने विश्वविद्यालय में कार्यरत 23 स्टार्टअप व अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं, डॉ. विमलेश ओझा ने बताया कि ‘कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट’ के प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं। बैठक का समन्वय डीन प्रो. मुनीष वशिष्ठ तथा कम्युनिटी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. संजीव गोयल ने किया।
इंडो यूरो सिंक्रोनाइजेशन के अध्यक्ष राज वंगापांडु और राजीव गुलाटी ने जर्मनी में कुशल तकनीकी कर्मियों की बढ़ती मांग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कोटिंग कॉन्सेप्ट्स द्वारा ऑटोमोटिव एवं औद्योगिक कोटिंग क्षेत्र में ‘प्रोसेस मैकेनिक’ के पदों पर भर्ती की जाएगी। कंपनी की प्रबंध निदेशक जनीना राडोविक और एंड्रियास फालर ने जर्मन कार्यस्थल के मानकों की जानकारी देते हुए चयनित अभ्यर्थियों को भाषा प्रमाणन एवं वीज़ा प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने इस अंतरराष्ट्रीय सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कोटिंग कॉन्सेप्ट्स के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कुलसचिव प्रो.अजय रंगा ने जर्मन प्रतिनिधिमंडल का आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को वैश्विक नियोक्ताओं से जोड़ना विश्वविद्यालय की मुख्य प्राथमिकता है। दौरे के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने कम्युनिटी कॉलेज के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और केंद्रीय कार्यशाला व अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। अंत में प्रो. नरेश चौहान ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
