‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत 1 नवंबर को फरीदाबाद में निकलेगी विशाल पदयात्रा
फरीदाबाद। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय ‘अटल कमल’ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता का माहौल बनाने, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और युवाओं को गुमराह करने की राजनीति कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन अधिकार है, लेकिन हिंसा, अभद्र भाषा और अव्यवस्था किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। आजादी के बाद 1952, 1957, 1962, 1983, 1995, 2002 और 2004 सहित कई बार यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हार से बौखलाकर संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगा रही है। वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अपना इतिहास ही वोट चोरी का रहा है, जहाँ सरदार पटेल को अधिक वोट मिलने के बावजूद नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया था।
कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस ने कभी कश्मीर में तिरंगा फहराने की हिम्मत नहीं दिखाई, जबकि 1991 में नरेंद्र मोदी ने लाल चौक पर तिरंगा लहराया था। आज मोदी जी और अमित शाह के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर लाल चौक पर स्थायी रूप से तिरंगा फहराया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाना है, लेकिन देश की जनता विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के साथ खड़ी है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत 1 नवंबर को सुबह 10 बजे एनआईटी स्थित बीके चौक से हार्डवेयर चौक तक एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा में गुरुग्राम और फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्रों से 20 हजार से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है।
इस अवसर पर बड़खल से विधायक धनेश अदलखा, जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पदयात्रा संयोजक ओमप्रकाश रक्षवाल, जिला सचिव पुनीता झा, जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता, जिला प्रवक्ता आभाष अग्रवाल, सोशल मीडिया संयोजक राहुल रात्रा और जिला कार्यालय सचिव राज मदान सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
