महात्मा गांधी जयंती पर अनुबंधित अध्यापकों ने किया सत्याग्रह
कोर्ट के आदेश लागू करवाने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के द्वार पर दिया धरना
पलवल। महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर अनुबंधित अध्यापकों ने अपने हक और न्यायालय के आदेशों को लागू करवाने की मांग को लेकर कुशलीपुर स्थित लघु सचिवालय के द्वार पर सत्याग्रह आंदोलन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान थान सिंह शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन उदय राम शास्त्री ने किया।
सत्याग्रह के दौरान विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों एवं अध्यापकों ने अपने विचार रखते हुए सरकार से अनुबंधित अध्यापकों के मामले में न्यायालय के आदेशों को लागू करने की मांग की।
राज्य उपप्रधान महेश तेवतिया ने कहा कि अनुबंधित अध्यापकों के पक्ष में न्यायालय द्वारा अब तक 14 फैसलों में नियमितीकरण के संबंध में निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की ओर से इस विषय पर कोई सकारात्मक पहल दिखाई नहीं दे रही है।
वरिष्ठ अतिथि अध्यापक प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक संगठनों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आंदोलन को मजबूत करना होगा।
राज्य सूचना एवं प्रसार सचिव रिशाल सिंह ने कहा कि सरकार कोर्ट के आदेशों को लागू करने की बजाय गुमराह कर रही है तथा 3 साल की पॉलिसी की जगह 10 वर्ष वाली निरस्त पॉलिसी के तहत वेरीफिकेशन प्रक्रिया चला रही है जिसका अनुबंधित अध्यापक संघ व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने विरोध किया है। सरकार न्यायालय के आदेशों को लागू करने के बजाय अनुबंधित अध्यापकों से बातचीत तक नहीं कर रही है।
पलवल खंड प्रधान यशपाल शास्त्री ने कहा कि अनुबंधित अध्यापक अपने अधिकारों के लिए हर संघर्ष और कुर्बानी के लिए तैयार हैं। वहीं, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान थान सिंह शर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ सभी शिक्षक संगठनों को मिलकर संघर्ष करने की आवश्यकता है।
सत्याग्रह आंदोलन में प्राथमिक शिक्षक संघ से भारत दहिया, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से हुकम चंद, सुनील दत्त, राजेश भारद्वाज, राजपाल महावली, देवीराम, हरेंद्र अत्री, महेंद्र सिंह, कुलदीप, जगदीश डागर, हरिओम शास्त्री सहित अनेक पदाधिकारी एवं शिक्षक शामिल हुए।
इसके अलावा अनुबंधित अध्यापकों में कर्ण सिंह, दीप, उदय राम शास्त्री, वंदना, मीनाक्षी, रेखा, ललिता, कविता, नीलम, पूनम, ममता, हंसराज, हेतराम, अशोक शास्त्री, नरेंद्र शर्मा, नरसिंह, मंगल, प्रेमचंद, संतोष सहित अनेक अध्यापक उपस्थित रहे।
अध्यापकों ने कहा कि उनका संघर्ष न्यायालय के आदेशों के क्रियान्वयन और अपने अधिकारों की प्राप्ति तक जारी रहेगा।
