श्रीसिद्धदाता आश्रम-श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्यधाम के स्थापना दिवस का आनंदोत्सव

महापौर और विधायकों ने प्रार्थना की और आशीर्वाद प्राप्त किया

फरीदाबाद। सूरजकुंड मार्ग स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्यधाम-श्रीसिद्धदाता आश्रम में आश्रम के संस्थापक वैकुंठवासी श्रीमद जगदगुरु श्री रामानुजाचार्य स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज की जयंती और श्रीसिद्धदाता आश्रम के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आनंदोत्सव आयोजित किया गया। आनंदोत्सव में दिल्ली-एनसीआर के गणमान्य व्यक्तियों समेत देश-विदेश के श्रद्धालुगण संगीत संध्या में पहुंचे। सभी ने प्रार्थना की और श्रीरामानुज संप्रदाय की तीर्थपीठ इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर अनंतश्री विभूषित श्रीमद जगदगुरु श्रीरामानुजाचार्य स्वामी श्रीपुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

वैकुंठवासी स्वामी श्रीसुदर्शनाचार्य जी महाराज की समाधि पर पूजन किया गया और फूलो की चादर चढ़ाई और जनकल्याण के लिए यज्ञ किया। स्वामी श्रीपुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज  ने मंदिर में वैकुंठवासी स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज के दिव्य विग्रह का अभिषेक किया और 56 भोग अर्पित किए। शहर की प्रथम नागरिक फरीदाबाद नगर निगम की महापौर श्रीमति प्रवीण बत्रा जोशी ने श्रीसिद्धदाता आश्रम को शहर का गौरव बताते हुए कहा कि यह स्थान  आध्यात्मिक शांति का बड़ा केंद्र है जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल रहा है।

इसलिए आश्रम से हजारों श्रद्धालुगण जुड़े हैं। फरीदाबाद एनआईटी के विधायक सनातनी सतीश फागना ने कहा कि हमारे परिवार की तीन पीढ़ी आश्रम की सेवादार है, हमे जो भी मिला इसी दर से मिला और जो भी जीवन में हुआ है गुरु महाराज की कृपा से ही हुआ है। हरियाणा मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार अजय गौड़ ने कहा कि श्रीसिद्धदाता आश्रम लोगों की आस्था का बड़ा आध्यात्मिक केंद्र है। इसलिए यहां शरणागति होने पर भगवान श्रीमन नारायण की कृपा श्रद्धालुओं पर बरसती है। गुरु महाराज के आशीर्वाद से यहां श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।   विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने यहां पहुंचकर वैकुंठवासी जगदगुरु स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज की समाधि पर पुष्पाजंलि की और गुरु जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री हरियाणा के मीडिया सलाहकार राजीव जेतली ने कहा कि श्रीसिद्धदाता आश्रम लोककल्याण का केंद्र है।

यहां लोगों को शांति का अनुभव होता है। इस अवसर पर भाजपा की प्रांतीय सचिव अनिता शर्मा, ब्राह्मण महासंघ के पदाधिकारी सुरेंद्र शर्मा, उद्यमी विष्णु सुरेख, पुरुषोत्तम नथानी, नरेश चांदना, शिवकुमार आदि ने गुरुमहाराज का फूल मालाओं से स्वागत किया। आनंदोत्सव रथयात्रा में महिला श्रद्धालु कलश लेकर निकली तो बच्चो, बुजुर्गो और युवाओं ने अपनी श्रद्धा और आस्था से वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी आवाज का जादू ऐसा बिखेरा किए श्रद्धालुगण घंटों तक मंत्रमुग्ध होकर मधुर संगीतमयी भजनों पर झूमते रहे। …देना हो तो दीजिए जन्म जन्म का साथ। ..मेरा बाबा मेरे साथ है, तो डरने की क्या बात है- आदि संगीतमयी भक्ति गीतों से लोग मंत्रमुग्ध हो गए।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.