कांग्रेस के युवा नेता शाहीन शम्स ने प्रियंका गांधी वाड्रा से की मुलाकात

हरियाणा के राजनीतिक मुद्दों के साथ नूंह जिले में बूच़डखानों की बढ़ती संख्या पर भी रखी बात

आस मोहम्मद 

नूंह: कांग्रेस के युवा नेता शाहीन शम्स ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। इस दौरान लगभग आधे घंटे की मुलाकात में जहां हरियाणा की राजनीति पर चर्चा हुई वहीं शाहीन शम्स ने प्रियंका गांधी वाड्रा को नूंह जिले में बढ़ती बूच़डखानों की संख्या पर भी अपनी बात रखी। जिनसे मेवात की आबो-हवा बिगड़ रही है और लोग बिमार हो रहें हैं।

आपको बता दें कि सोहना-तावडू विधानसभा के सक्रिय युवा कांग्रेस नेता शाहीन शम्स ने नई दिल्ली में कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गाँधी वाड्रा से मुलाक़ात कर के हरियाणा के राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान मुलाक़ात के बाद शाहीन शम्स ने बताया कि “मैंने मेवात से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर अपनी नेता को अवगत कराया, ख़ासतौर से बूचड़खानों के अहम मुद्दे को उनके समक्ष रखा। मुझे ख़ुशी है कि उन्होंने ये आश्वासन दिया कि वो इस पर जो संभव मदद होगी, वो करेंगी।”

आपको बता दें कि कि शाहीन मेवात में बूचड़खाने बढ़ने के मुद्दे को कई हफ्तों से उठा रहें है। वे मेवात संयुक्त संघर्ष समिति के साथ मिलकर ये मुद्दा कई सांसदों के संज्ञान में ला चुके हैं। वे समिति के साथ कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, समाजवादी पार्टी की लोकसभा सांसद इकरा चौधरी हसन, कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद, कांग्रेस लोकसभा सांसद संजना जाटव, कांग्रेस राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, समाजवादी पार्टी से लोकसभा सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी आदि से मुलाक़ात कर इस विषय को उठा चुके हैं।
इतना ही नहीं शाहीन शम्स जनता को बूचड़खानों से हो रहे नुक़सान, स्वास्थ समस्याओं और प्रदूषण आदि के बारे में जनता से रूबरू होकर उनको जागरूक करने का काम भी कर रहें हैं।

आपको बता दें कि कांग्रेस के युवा नेता शाहीन शम्स के पिता डॉ शमसुद्दीन शम्स कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं,जो सुप्रीम कोर्ट में जाने माने वकील हैं। मेवात संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शमशुद्दीन शम्स ने बूच़डखानों के खिलाफ मान्य सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। इस दौरान वो इस याचिका की मेवात की भलाई और इन बूच़डखानों की गंदगी से निजात दिलाने के लिए अपनी फीस नहीं लेंगे, वो निशुल्क ही इस इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करेंगे।

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