विद्यामंदिर क्लासेस के सह-संस्थापकों ने विभिन्न केंद्रों पर मेंटरशिप सत्र आयोजित कर छात्रों और अभिभावकों को दिया रणनीतिक मार्गदर्शन

फरीदाबाद । छात्रों की सफलता को केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित न रखते हुए, विद्यामंदिर क्लासेस (VMC) के सह-संस्थापकों, जिन्हें छात्र ‘बड़े भैया’ और ‘संदीप भैया’ के नाम से जानते हैं, ने हाल ही में गुरुग्राम, लाजपत नगर, आनंद विहार, फरीदाबाद, नोएडा सेक्टर-4, द्वारका और जनकपुरी सहित कई केंद्रों पर विशेष मेंटरशिप सत्रों का आयोजन किया। इन सत्रों में छात्रों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्पष्टता, आत्मविश्वास और परिणामोन्मुख सोच विकसित करने पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इन संवादात्मक सत्रों के दौरान सह-संस्थापकों ने इस बात पर जोर दिया कि शीर्ष रैंक कभी संयोग का परिणाम नहीं होती, बल्कि सही रणनीति, अनुशासित तैयारी और निरंतर मार्गदर्शन का नतीजा होती है। छात्रों को पढ़ाई के लिए संरचित योजना बनाने, ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहने और उच्च दबाव वाली परीक्षाओं का सामना करने के लिए मजबूत मानसिक ढांचा विकसित करने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि मेहनत के साथ सही दिशा का होना सफलता के लिए बेहद जरूरी है।

मेंटोरशिप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री बृज मोहन (बड़े भैया) ने कहा, “आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में छात्र मेहनत तो करते हैं, लेकिन उन्हें उस स्पष्टता और दिशा की कमी होती है, जिससे वे अपनी मेहनत को परिणाम में बदल सकें। मेंटरशिप इस अंतर को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन सत्रों के माध्यम से हमारा उद्देश्य छात्रों को एक स्पष्ट रोडमैप देना है, जिससे वे न केवल यह समझें कि क्या पढ़ना है, बल्कि यह भी जानें कि प्रभावी तरीके से कैसे पढ़ना है। सही सोच विकसित करना भी उतना ही जरूरी है—ऐसी सोच जो मजबूत, केंद्रित और आत्मविश्वासी हो। जब छात्रों को सही मार्गदर्शन मिलता है, तो उनकी क्षमता वास्तविक प्रदर्शन में बदलती है और यही सच्ची सफलता है।”

इन पहलों के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए संदीप भैया ने कहा, “सफलता कभी आकस्मिक नहीं होती, बल्कि इसे सही रणनीति, अनुशासन और निरंतर मार्गदर्शन के साथ तैयार किया जाता है। ये सत्र केवल शैक्षणिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्रों के सोचने के तरीके और चुनौतियों का सामना करने के दृष्टिकोण को भी आकार देते हैं। जब छात्रों के पास अपने लक्ष्य की स्पष्टता और तैयारी में आत्मविश्वास होता है, तो वे दबाव का बेहतर तरीके से सामना कर पाते हैं और श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। इस यात्रा में अभिभावकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका सहयोग और समझ छात्र के मानसिक संतुलन और प्रदर्शन को प्रभावित करती है।”

मेंटोरशिप कार्यक्रम के मुख्य विषय को दर्शाते हुए ‘डायरेक्शन डिसाइड्स रैंक’ शीर्षक से एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें बड़े भैया ने विस्तार से बताया कि केवल मेहनत हमेशा सफलता की गारंटी नहीं होती, कोचिंग और मेंटरिंग में क्या अंतर है, और कैसे VMC केवल अंकों में सुधार नहीं बल्कि टॉप रैंकर्स तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करता है। छात्रों को JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मानसिक मजबूती विकसित करने के महत्व के बारे में भी बताया गया।

सत्रों के दौरान बड़े भैया और संदीप भैया ने छात्रों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए यह भी रेखांकित किया कि सफलता में मार्गदर्शन, वातावरण और मानसिकता की सामूहिक भूमिका होती है। उन्होंने छात्रों में सकारात्मक सोच, निरंतरता और अपेक्षाओं के संतुलन को बनाए रखने पर जोर दिया, जबकि अभिभावकों को घर में प्रेरणादायक और तनावमुक्त वातावरण बनाने की सलाह दी गई।

इन सत्रों में छात्रों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सह-संस्थापकों द्वारा साझा किए गए व्यावहारिक सुझावों और प्रेरणादायक मार्गदर्शन की सराहना की। कई प्रतिभागियों ने बताया कि इस प्रकार के संवाद से उन्हें अपनी तैयारी को लेकर नई स्पष्टता और दिशा मिली है।

विभिन्न केंद्रों पर ऐसे सत्र आयोजित कर विद्यामंदिर क्लासेस ने अपने छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत किया है, जिससे छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक रणनीतिक मार्गदर्शन भी प्राप्त हो रहा है।

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