नेहरू कालोनी से उजड़े लोगों को किराए पर मकान नहीं मिल रहे, बारिश में भीगा सामान
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हुई तोडफ़ोड़ की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिन लोगों के घर टूट गए हैं, वे अब रहने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। आज हुई बारिश में उनका सामान भीग गया, और लोगों ने ट्रॉली के नीचे छिपकर खुद को भीगने से बचाया। लेकिन उन्हें किराए पर मकान मिलने में भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार पिछले 2 दिनों से खुले आसमान के नीचे अपने बच्चों और सामान के साथ रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि कॉलोनी टूटने के बाद आसपास के इलाकों में मकान मालिकों ने किराया बढ़ा दिया है। जिन कमरों का किराया पहले 8 हजार रुपए के आसपास था, अब उनके लिए 10 हजार से 15 हजार रुपए तक मांगे जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि उनकी मासिक आय ही 15 से 20 हजार रुपए के बीच है। ऐसे में अगर कमाई का बड़ा हिस्सा किराए में ही खर्च हो जाएगा तो परिवार का पालन-पोषण और रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें नेहरू कॉलोनी का निवासी होने के कारण किराए पर मकान नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि कई मकान मालिक यह कहकर कमरा देने से मना कर रहे हैं कि नेहरू कॉलोनी में नशा तस्कर और चोर रहते हैं। इस वजह से कई परिवारों को लगातार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से पहले उन्हें बताया गया था कि केवल धार्मिक स्थल और उसके आसपास का कुछ हिस्सा हटाया जाएगा। लेकिन बाद में बड़े स्तर पर तोडफ़ोड़ की गई। लोगों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घर तोड़ दिए गए, जिससे वे अचानक बेघर हो गए।
