मुख्य चौपाल पर देसी के साथ विदेशी कलाकारों का जलवा बरकरार

हरियाणवी गीतों पर विदेशी कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

फरीदाबाद। 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला-2026 में मुख्य चौपाल पर बुधवार को देसी और विदेशी कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मिस्र, नाइजीरिया, ईराक, रूस और कजाकिस्तान सहित कई देशों से आए लोक कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्य और संगीत के जरिए विविध संस्कृतियों की झलक पेश की। रंग-बिरंगे परिधानों और ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। विदेशी कलाकारों ने हरियाणवी गीतों की धुन पर भी शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। दर्शकों ने तालियों की गडगड़़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और कई पर्यटक इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान का यह दृश्य मेले के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सूरजकुंड मेला अपने शिल्प, हस्तकला और सांस्कृतिक विविधता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस वर्ष भी मेले की मुख्य चौपाल पर कलाकारों का यह संगम पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो रहा है। मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि देश-विदेश की कला और संस्कृति को एक मंच पर लाकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी सशक्त कर रहे हैं।

यही कारण है कि मुख्य चौपाल पर सुबह से लेकर शाम तक दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मुख्य चौपाल पर हरियाणवी लोक कलाकारों के अलावा विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। लोकनृत्य, सूफी संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। परिवार सहित पहुंचे पर्यटकों ने कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया।

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