माननीय न्यायलय के आदेशानुसार हरियाणा सरकार अतिथि अध्यापको को तुरंत प्रभाव से नियमित करें : पूनम
कुरुक्षेत्र: अतिथि अध्यापको को नियमित करने की मांग को लेकर राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के आह्वान द्वारा लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र चल रहे अनिश्चित कालीन पडाव के तीसरे दिन की अध्यक्षता पूनम कुमारी राज्य प्रधान महिला ने की! उपस्थित अतिथि अध्यापक को संबंधित करते हुए राजकीय अनुबंधित अद्यापक संघ के राज्य प्रधान महिला विंग पूनम कुमारी राज्य प्रधान दिनेश यादव राज्य कोषाध्यक्ष अशोक शास्त्री मंजीत कौर राज्य उप प्रधान महिला, राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह, हरदीप सिंह गिल ने कहा 17 अप्रैल 2026 को माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय के एक अहम फैसले अनुसार 16 एवं 18 जून 2014 की हरियाणा सरकार की नियमितीकरण की नीतियों को वैध करार दिया है तथा 29 अप्रैल 2026 व 27 मई 2026 को माननीय पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के पक्ष मे आदेश पारित किया है उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत सभी अतिथि अध्यापक इन दोनों नीतियों के तहत नियमित होने की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। अत: तत्काल प्रभाव से सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए और जून 2014 से सभी लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होंने बताया कि 2014 में हरियाणा सरकार ने ग्रुप बी,सी एवं डी के तहत कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारियों/शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए नीतियां बनाई थी और इनके तहत कई विभागों के 4654 कर्मचारियों को पक्का किया गया था। संगठन के लगातार प्रयास से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए श्री एस एस ढिल्लों प्रिसिंपल सचिव मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने वित सचिव शिक्षा विभाग को 09/09/2014 को लिखित आदेश दिया था। परन्तु इसके दो दिन बाद ही विधानसभा चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता लगने के कारण अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मामला अधर में लटक गया और सभी शर्तों को पूरा करने के बावजूद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने से वंचित कर दिया गया था।
परन्तु 2014 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सता परिवर्तन हो गया और भाजपा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते नियमितीकरण की इन नीतियों को 5 मई,2015 को होल्ड पर रखते हुए कर्मचारियों के नियमितीकरण के रस्ते बंद कर दिए और इसके बाद जून 2018 में इन नीतियों के खिलाफ लगी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन नीतियों को रद्द कर दिया। तत्पश्चात माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय ने 26 नवंबर 2018 को यथास्थिति बरकरार रखते हुए मामले की सुनवाई जारी रखी। जिस पर 17 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए 2014 मे बनी पालिसी को सही बताया और हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल व 27 मई को नियमित करने का फैसला सुनाया वक्ताओ ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि उपरोक्त निर्णय को लागु करते हुए तुरंत प्रभाव से नियमितीकरण की प्रकिया शुरु की जाए! इस मौके पर राजेश धीमान, सुभाष खटाना, पलविन्द्र सिह पन्नु, सुरेंद्र पाल जयप्रकाश मित्तल, शिव प्रकाश, नथुराम सिरसा जलजीत सिंह टोहाना आदि
