जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जन-केंद्रित बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य : डीसी आयुष सिन्हा

फरीदाबाद । उपायुक्त एवं जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति (गवर्निंग बॉडी) के अध्यक्ष आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, टीकाकरण अभियानों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य अवसंरचना विकास से जुड़े विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए।

बैठक में आगामी पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि 28 जून 2026 से जिले में पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता पर चर्चा की गई। डीसी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाई जा सके।

बैठक में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों और अफवाहों को दूर करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में कार्यरत कर्मियों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि 14 वर्ष से अधिक आयु की पात्र किशोरियों का अधिक से अधिक टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक के दौरान शहरी क्षेत्रों में प्रस्तावित अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (U-AAM) केंद्रों की स्थापना पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा नगर निगम फरीदाबाद (एमसीएफ) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अजरौंदा, अनंगपुर तथा करनाल विहार क्षेत्रों में उपयुक्त भवनों की शीघ्र पहचान कर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों को प्राप्त बजट के उपयोग और अनुमोदन से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग जनहित और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

मातृ मृत्यु समीक्षा (Maternal Death Review) के मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का गहन विश्लेषण करने तथा गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान संभावित जोखिमों को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु के मामलों को शून्य करने के उद्देश्य से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष सतर्कता बरती जाए। इसी क्रम में राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 जुलाई से 24 अगस्त 2026 तक मनाए जाने वाले “मातृ स्वास्थ्य पखवाड़ा” एवं “सुरक्षित जननी माह” कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इस अवधि के दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान तथा समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न अंतर-विभागीय परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। पल्ला क्षेत्र में प्रस्तावित 50 बेड के अस्पताल की स्थापना से संबंधित कार्यों तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए जाने वाले लागत अनुमान पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त बीके अस्पताल परिसर में प्रस्तावित मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) यूनिट एवं अन्य स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन अभियान की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से अधिकाधिक संस्थानों को टीबी रोगियों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा एक हजार टीबी मरीजों को छह माह की अवधि के लिए गोद लिया गया है, जिसके तहत उनके उपचार, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल एवं अन्य आवश्यक सहायता का व्यय कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा। उपायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए अन्य औद्योगिक एवं सामाजिक संस्थाओं से भी इस अभियान में सहभागिता करने का आह्वान किया।

उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को बैठक में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा जनहित से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत आहूजा, डीडीपीओ प्रामिन्द्र, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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