केन्द्र सरकार ने चार काले कानून बनाकर देशभर के मजदूरों के साथ अन्याय किया: सुमित भाटिया

- काले कानूनों के खिलाफ अस्टिटेंट लेबर कमिश्नर

फरीदाबाद। चार श्रम काले कानून के विरोध में आज सैक्टर-12 स्थित जिला श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के जिला फरीदाबाद सह प्रभारी एवं प्रदेश सचिव वेद प्रकाश की मौजूदगी में फरीदाबाद जिलाध्यक्ष सुमित भाटिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए 4 श्रम काले कानून के विरोध जताते हुए प्रतियां जलाई गई और सहायक लेबर कमिश्नर भगत प्रताप को ज्ञापन सौंपा। लागू श्रम संहिताएं के विरोध में प्रदर्शन भी किया गया। ज्ञापन देने वालों में केकेसी के कार्यकर्ता सरदार विरेंद्र सिंह, दिवेश, अंकित, रोहित, खटाना, मनोज कुमार एवं अन्य कार्यकर्ताओं शामिल रहे।

जिलाध्यक्ष सुमित भाटिया ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने चार काले कानून बनाकर देशभर के मजदूरों के साथ अन्याय किया है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चारों श्रम कानून औद्योगिक संबंध संहिता जमीन पर पूरी तरह विफल, मजदूर-विरोधी और केवल कॉरपोरेट हितैषी साबित हुए हैं। इन कानूनों ने दशकों के संघर्ष से प्राप्त मजदूरों के अधिकारों को छीन लिया है, नौकरी की सुरक्षा खत्म कर दी है और 90 प्रतिशत से अधिक कार्यबल (असंगठित क्षेत्र) को भ्रम की स्थिति में धकेल दिया है।

ट्रेड यूनियन बनाने और मान्यता प्राप्त करने के नियमों को इतना सख्त कर दिया गया है कि मजदूरों की सामूहिक ताकत खत्म हो गई है। किसी भी हड़ताल से पहले 60 दिन का नोटिस देना अनिवार्य कर दिया गया है। जब तक मामला सुलह में है, हड़ताल को अवैध माना जाएगा। यानी विरोध का अधिकार छीन लिया गया है। नौकरियों को खत्म कर फिक्स्ड टर्म की नौकरियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे मजदूरों के भविष्य की सुरक्षा खत्म हो जाएगी। इन कानूनों में मजदूरों के हकों के लिए कुछ भी नहीं है, केवल और केवल सारे कानून मालिकों के हक को ध्यान में रखते हुए बनाए गए है। सुमित भाटिया ने कहा कि जब तक केन्द्र सरकार ने चारों काले कानूनों को वापिस नहीं लेगी जब तक असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन करती रहेगी।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.