50 किलो वजन के सुमित ने उठाया 121 किलो गंगाजल
भोलेनाथ के प्रति आस्था ने बनाया जुनून
फरीदाबाद। इसे छात्र का जुनून कहें या फिर भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची आस्था और अटूट श्रद्धा, कि महज 50 किलो वजन के 22 वर्षीय सुमित कुमार ने हरिद्वार से 121 किलो गंगाजल कांवड़ के रूप में उठाकर अपने गांव पहुंचकर अनूठी मिसाल कायम की। बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव निवासी सुमित कुमार पुत्र राजेन्द्र कुमार 30 जून को हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। सुमित के माता-पिता ने उसे समझाया कि हरिद्वार से पैदल गंगाजल लेकर वापस आना बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भगवान भोलेनाथ के प्रति उसकी आस्था और समर्पण इतना मजबूत था कि वह अपने निर्णय से पीछे नहीं हटा। कठिन रास्ते और भारी वजन की परवाह किए बिना सुमित ने अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की और 121 किलो गंगाजल लेकर ऊंचा गांव पहुंचा।
गांव पहुंचने पर सुमित कुमार का एडवोकेट सौराज अधाना ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने सुमित की इस अद्भुत आस्था और साहस की प्रशंसा करते हुए उसे शॉल ओढाकर तथा नकद राशि देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर एडवोकेट सौराज अधाना ने कहा कि सुमित कुमार ने अपनी उम्र और वजन की परवाह किए बिना जिस तरह भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा और समर्पण का परिचय दिया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सच्ची आस्था और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं होती। उन्होनें कहा कि सुमित ने गंगाजल लाकर पूरे बल्लभगढ़ का रिकार्ड तोड़ा है। उन्होंने बताया कि सुमित कुमार के अलावा गांव के ही यश और अंश 31-31 किलो गंगाजल लेकर पहुंचे, जबकि केशव और मयंक भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर गांव पहुंचे। गांव में कांवडयि़ों के पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और पूरा माहौल ‘हर-हर महादेव और बम बम भोले के जयघोष से भक्तिमय हो गया।
