कैंसर मरीज की जैविक और व्यक्तिगत विशेषताओं को समझकर बनाई सटीक उपचार योजना : डा. सुमंत गुप्ता

तीन दिवसीय ‘ईस्कॉन-2026 सम्पन्न, कैंसर को लेकर देशभर के विशेषज्ञों ने किया मंथन

फरीदाबाद। इंडियन सोसाइटी ऑफ ऑन्कोलॉजी के तत्वावधान में 7 से 9 अगस्त 2026 तक ताज सूरजकुंड, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ईस्कॉन-2026’ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। ‘प्रिस्क्रिप्शन ऑकोलॉजी विद कोलेब्रेशन’विषय पर केंद्रित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देशभर के कैंसर विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों ने कैंसर की सटीक जांच, व्यक्तिगत उपचार तथा समग्र देखभाल से संबंधित नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रिसीजन ऑन्कोलॉजी के वैज्ञानिक सिद्धांतों को मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, हीमेटो-ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी प्रमुख चिकित्सा विधाओं के साथ जोड़ते हुए प्रत्येक मरीज की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी उपचार को बढ़ावा देना था। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का बेहतर उपचार केवल किसी एक विशेषज्ञ या उपचार पद्धति तक सीमित नहीं है।

इसके लिए विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच मजबूत समन्वय, साक्ष्य-आधारित निर्णय, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हैं। प्रिसीजन ऑन्कोलॉजी के माध्यम से मरीज के कैंसर की जैविक और व्यक्तिगत विशेषताओं के आधार पर अधिक सटीक उपचार योजना तैयार की जा सकती है। तीन दिनों तक चले सम्मेलन में विशेषज्ञ व्याख्यान, वैज्ञानिक सत्र, शोध प्रस्तुतियां, क्लिनिकल केस-आधारित चर्चाएं और संवादात्मक पैनल आयोजित किए गए। इनमें कैंसर की शीघ्र पहचान, मॉलिक्यूलर एवं बायोमार्कर टेस्टिंग, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, आधुनिक रेडिएशन तकनीक, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में नई प्रगति, व्यक्तिगत उपचार योजना, पुनर्वास और कैंसर सर्वाइवरशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सम्मेलन में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि वैज्ञानिक एवं समन्वित उपचार पद्धतियों को क्लिनिकल प्रैक्टिस, शोध ढांचे, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और कैंसर सर्वाइवरशिप से जुड़ी पहलों में प्रभावी रूप से शामिल किया जाए। विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार के दौरान मरीज के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसकी मानसिक, भावनात्मक, पोषण संबंधी और पुनर्वास आवश्यकताओं पर ध्यान देने को व्यापक कैंसर देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

ईस्कॉन- 2026 के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी एवं मेट्रो कैंसर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि इस्कॉन 2026 ने ऑन्कोलॉजी की विभिन्न विशेषज्ञताओं को एक साझा मंच प्रदान किया है। प्रिसीजन ऑन्कोलॉजी के माध्यम से प्रत्येक मरीज के कैंसर की जैविक और व्यक्तिगत विशेषताओं को समझकर अधिक सटीक उपचार योजना बनाई जा सकती है। जब मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ आपसी सहयोग से निर्णय लेते हैं, तो उपचार के परिणाम बेहतर होने के साथ मरीज के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, इस सम्मेलन में हुए वैज्ञानिक विचार-विमर्श, शोध अनुभवों के आदान-प्रदान और बहुविषयक सहयोग से कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। हमारा उद्देश्य आधुनिक और साक्ष्य-आधारित कैंसर उपचार को अधिक प्रभावी, व्यक्तिगत तथा मरीज-केंद्रित बनाना है। सम्मेलन ने युवा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को वरिष्ठ विशेषज्ञों से सीखने, नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति को समझने और अपने शोध एवं क्लिनिकल अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी ने कैंसर प्रबंधन में बहुविषयक सहयोग और सामूहिक निर्णय की आवश्यकता को और अधिक मजबूती से रेखांकित किया।

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