मोटापे के मरीजों के लिए सर्जरी से पहले और बाद में विशेष सावधानी जरूरी : डॉ. प्रबल रॉय

फरीदाबाद। तेजी से बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण मोटापे की समस्या लगातार बढ़ रही है। मोटापा केवल वजन बढऩे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है। एकॉर्ड अस्पताल के सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. प्रबल रॉय ने कहा कि मोटापे से ग्रस्त मरीजों को किसी भी प्रकार की सर्जरी से पहले और बाद में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। उचित तैयारी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी से सर्जरी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डॉ. प्रबल रॉय ने बताया कि मोटापे के मरीजों में अक्सर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर, स्लीप एपनिया और श्वसन संबंधी समस्याएं भी पाई जाती हैं। ऐसे में सर्जरी से पहले मरीज की संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करना आवश्यक होता है। सर्जरी से पहले रक्त जांच, हृदय की जांच, फेफड़ों की क्षमता और अन्य आवश्यक परीक्षण किए जाते हैं ताकि संभावित जोखिमों का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि मोटापे के कारण एनेस्थीसिया देने में भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। कई मामलों में ऑपरेशन के दौरान और बाद में सांस लेने में परेशानी, संक्रमण, घाव भरने में देरी तथा रक्त के थक्के बनने जैसी जटिलताएं सामने आ सकती हैं। इसलिए मरीजों को सर्जरी से पहले चिकित्सक की सलाह के अनुसार वजन नियंत्रित करने, संतुलित आहार लेने और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। डॉ. रॉय ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों को खानपान, दवाओं और फिजियोथेरेपी संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से बचना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधियां शुरू करना भी जरूरी है। इससे रिकवरी बेहतर होती है और जटिलताओं का खतरा कम होता है। उन्होंने कहा कि मोटापे से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय परामर्श, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच के माध्यम से मरीज न केवल सर्जरी को सुरक्षित बना सकते हैं, बल्कि भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से भी बच सकते हैं। विशेषज्ञों की निगरानी में की गई सर्जरी और उचित देखभाल से मोटापे से ग्रस्त मरीज सामान्य और स्वस्थ जीवन की ओर तेजी से लौट सकते हैं।

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