विश्व अल्जाइमर दिवस पर यथार्थ अस्पताल सेक्टर 20 फरीदाबाद ने शुरू की क्षेत्र की पहली समर्पित मेमोरी क्लिनिक

फरीदाबाद: विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर यथार्थ अस्पताल, सेक्टर 20, फरीदाबाद ने याददाश्त में कमी, सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट और स्मृति से जुड़ी अन्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए क्षेत्र की पहली समर्पित मेमोरी क्लिनिक की शुरुआत की है। इस क्लिनिक का उद्देश्य मरीजों को याददाश्त और संज्ञानात्मक क्षमता से जुड़ी समस्याओं के लिए व्यापक जांच, सही निदान और उचित प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना है। यहां न्यूरोलॉजी और मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञता को एक साथ लाकर मरीजों का समय पर मूल्यांकन और उनकी जरूरत के अनुसार उपचार एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे लोगों को लाभ मिलेगा, जिनमें याददाश्त या सोचने-समझने की क्षमता में लगातार या धीरे-धीरे बढ़ते बदलाव दिखाई दे रहे हैं।

मेमोरी क्लिनिक का शुभारंभ यथार्थ अस्पताल, सेक्टर 20, फरीदाबाद के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन एवं ग्रुप डायरेक्टर डॉ. (प्रो.) कुणाल बहरानी, यथार्थ ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के सीईओ, श्री अमित सिंह, यथार्थ अस्पताल, सेक्टर 20, फरीदाबाद के फैसिलिटी डायरेक्टर श्री अजय भारद्वाज की उपस्थिति में अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ किया गया। यथार्थ अस्पताल सेक्टर 20 फरीदाबाद में यह मेमोरी क्लिनिक सोमवार से शनिवार दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से मरीजों और उनके परिवारों को याददाश्त एवं संज्ञानात्मक समस्याओं की जांच, परामर्श और उचित प्रबंधन के लिए एक समर्पित सुविधा मिल सकेगी।

इस अवसर पर यथार्थ अस्पताल, सेक्टर 20, फरीदाबाद के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन एवं ग्रुप डायरेक्टर डॉ. (प्रो.) कुणाल बहरानी ने कहा, “याददाश्त से जुड़ी समस्याएं व्यक्ति की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं, परिवारों के लिए यह समझना भी चुनौतीपूर्ण होता है कि भूलने की आदत उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा है या किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत। समर्पित मेमोरी क्लिनिक इस अंतर को दूर करने में मदद कर सकती है, जहां न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक जांच एक ही स्थान पर व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। समय रहते जांच बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट के कई कारणों की पहचान कर उनका उचित प्रबंधन किया जा सकता है। साथ ही, समय पर हस्तक्षेप से परिवारों को मरीज की देखभाल और भविष्य की आवश्यकताओं की बेहतर योजना बनाने में भी मदद मिलती है।”

मेमोरी क्लिनिक के साथ-साथ यथार्थ अस्पताल ने व्यापक मस्तिष्क एवं संज्ञानात्मक स्वास्थ्य की जांच के लिए एक समर्पित ब्रेन हेल्थ पैकेज भी शुरू किया है। यह पैकेज संभावित समस्याओं की शुरुआती पहचान में मदद करने के साथ-साथ व्यक्ति के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य की समग्र स्थिति को समझने में सहायता करेगा। जांच और निदान के आधार पर मरीज की उम्र, लक्षण, स्वास्थ्य स्थिति और बीमारी के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए उसके लिए उपयुक्त उपचार एवं प्रबंधन की सलाह दी जाएगी।

डॉ. कुणाल ने आगे कहा, “याददाश्त से जुड़ी बीमारियों के प्रबंधन में काफी बदलाव आया है और आज उपचार केवल दवाओं तक सीमित नहीं है। मरीज के निदान और उपचार के लिए उसकी पात्रता के आधार पर लक्षणों को नियंत्रित करने वाली दवाओं के साथ कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी, रिपीटिटिव ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (rTMS) जैसी न्यूरोमॉड्यूलेशन तकनीक या मस्तिष्क को सक्रिय करने वाली अन्य तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। अल्जाइमर रोग से पीड़ित उपयुक्त मरीजों में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी जैसी लक्षित थेरेपी भी उपचार का हिस्सा हो सकती है। हमारा उद्देश्य प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार रणनीति तैयार करना है, जिसमें संज्ञानात्मक लक्षणों के साथ-साथ उसकी कार्यक्षमता और भावनात्मक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाए।”

यथार्थ ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के सीईओ, श्री अमित सिंह ने कहा “क्षेत्र की पहली समर्पित मेमोरी क्लिनिक की शुरुआत विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिकल देखभाल को मजबूत करने और समय पर जांच एवं उपचार को अधिक सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस पहल के माध्यम से हमारा उद्देश्य मरीजों और उनके परिवारों को व्यापक जांच, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध कराना है, साथ ही संज्ञानात्मक समस्याओं की शुरुआती पहचान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।”

यथार्थ अस्पताल, सेक्टर 20, फरीदाबाद के फैसिलिटी डायरेक्टर श्री अजय भारद्वाज ने कहा “मेमोरी क्लिनिक को इस उद्देश्य से विकसित किया गया है कि याददाश्त से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को व्यवस्थित और सहयोगपूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके। विशेषज्ञ जांच, परामर्श और उचित प्रबंधन को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर हम लोगों को समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं, ताकि याददाश्त में लगातार हो रहे बदलावों को नजरअंदाज न किया जाए।”

मेमोरी क्लिनिक की शुरुआत के साथ अस्पताल ने याददाश्त से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानने के महत्व पर भी जोर दिया है। लगातार भूलने की समस्या, रोजमर्रा के परिचित कार्यों को करने में कठिनाई, बातचीत या निर्णय लेने में परेशानी, व्यवहार में बदलाव और नियमित गतिविधियों को संभालने में दिक्कत ऐसे संकेत हैं जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। उम्र बढ़ने के साथ कभी-कभार चीजें भूलना सामान्य हो सकता है, लेकिन याददाश्त या सोचने-समझने की क्षमता में लगातार या बढ़ती हुई समस्या को केवल बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ से जांच और उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन कराना जरूरी है।

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