एमपी में साध्वियों की मौत के विरोध में जैन समाज ने निकाला रोष मार्च

फरीदाबाद। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पद-विहार कर रही जैन साध्वियों को एक वाहन द्वारा टक्कर मारने की घटना को लेकर देशभर के जैन समाज में रोष है। इसी कड़ी में बुधवार को फरीदाबाद में जैन समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर रोष मार्च निकाला और डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जिसके बाद जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन भेजा और जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग की। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि रीवा में सडक़ किनारे पद-विहार कर रही तीन साध्वियों को एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी। इस घटना में दो साध्वियों की मौत हो गई, जबकि एक साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं।

समाज के लोगों का कहना है कि यह केवल एक सामान्य सडक़ दुर्घटना नहीं लगती और मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि साध्वियों को निशाना बनाकर टक्कर मारी गई है। ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-साध्वियां पूरी तरह अहिंसक जीवन जीते हैं और पैदल ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक पद-विहार करते हैं। वे किसी प्रकार के वाहन या सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं करते, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था जरूरी है। जैन समाज ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय संत सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग की है। साथ ही पद-विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षित पैदल मार्ग, सुरक्षा प्रकोष्ठ और आपातकालीन सहायता व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई गई। समाज का कहना है कि साध्वियों की मौत से पूरे देश का जैन समाज दुखी और आक्रोशित है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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