विज्ञान और गणित की बेहतर समझ से ही बनेंगे भविष्य के इंजीनियर : आयुष सिन्हा

समर स्कूल प्रेरणा-2026 का शुभारंभ, विद्यार्थियों को मिला वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अवसर

फरीदाबाद। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में विज्ञान और गणित की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा इन विषयों की मजबूत समझ उन्हें भविष्य में इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, उद्यमी और सिविल सेवक बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है। वे आज ऊंचा गांव स्थित राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ‘समर स्कूल प्रेरणा-2026’ के शुभारंभ अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ हरियाणा सरकार में पूर्व मुख्य सचिव धर्मवीर भी मौजूद रहे। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन इंडिया (एसपीएसटीआई), नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड, शिक्षा विभाग तथा विद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि 3 जून से 23 जून तक चलने वाले इस विशेष समर स्कूल में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थी विज्ञान एवं गणित विषयों के मूलभूत सिद्धांतों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लें, समय का सदुपयोग करें और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर अभ्यास और विषय की गहन समझ ही विद्यार्थियों को आगे बढ़ाती है। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि छात्र जीवन में उन्हें भी गणित विषय में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, लेकिन लगातार अभ्यास और मेहनत के बल पर उन्होंने अपनी कमजोरियों को दूर किया।

उन्होंने कहा कि आज भी प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग, चिकित्सा तथा सिविल सेवा जैसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं में विज्ञान और गणित की समझ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी किसी भी स्तर पर अन्य विद्यार्थियों से कम नहीं हैं और हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणाम इसकी पुष्टि करते हैं। डीसी ने विश्वास व्यक्त किया कि समर स्कूल प्रेरणा-2026 विद्यार्थियों के ज्ञान, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा प्रदान करेगा। हरियाणा सरकार के पूर्व मुख्य सचिव धर्मवीर ने कहा कि प्रत्येक बच्चा जन्म से ही वैज्ञानिक होता है। बच्चों में स्वाभाविक रूप से जिज्ञासा और नई चीजों को जानने-समझने की इच्छा होती है, जो विज्ञान की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और गणित को कठिन विषय मानने की धारणा को बदलने की आवश्यकता है।

यदि इन विषयों को मूलभूत सिद्धांतों और दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझा जाए तो ये अत्यंत रोचक और उपयोगी बन जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने आसपास घटने वाली घटनाओं के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को जानने का प्रयास करें तथा हर विषय को जिज्ञासा के साथ सीखें। उन्होंने कहा कि समर स्कूल में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए युवा मेंटर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे उन्हें नई सोच, बेहतर समझ और उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे इस तीन सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा लाभ उठाएं, नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लें और ज्ञान अर्जित कर अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखें।  इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला, खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ सतीश चौधरी, डॉ रितु शर्मा सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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