पेंशनर्स की मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं : सुभाष लांबा
- 24 घंटे के पड़ाव के बाद प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा 12 सूत्रीय मांग-पत्र
फरीदाबाद। पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों की मांगों को लेकर डीसी कार्यालय पर शुरू हुआ 24 घंटे का पड़ाव बुधवार को समाप्त हो गया। समापन पर प्रधानमंत्री के नाम 12 सूत्रीय मांग-पत्र तहसीलदार को सौंपा गया। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। अध्यक्षता रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान नवल सिंह नरवत ने की और संचालन जिला सचिव लज्जा राम ने किया।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का स्थगित वेतन और अधिकार है। उन्होंने पेंशन रूल्स वैलिडेशन एक्ट-2025 वापस लेने, 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण शामिल करने, एनपीएस-यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करने, 18 माह के लंबित डीए/डीआर का भुगतान और कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की। साथ ही पेंशन कम्युटेशन राशि 10 साल 8 माह में रिकवर करने तथा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर पांच प्रतिशत बेसिक पेंशन बढ़ाने की मांग उठाई।
पड़ाव में पूर्व कोषाध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी, उपाध्यक्ष यूएम खान, प्रेस सचिव सतपाल नरवत, कोषाध्यक्ष खजान सिंह, रत्न लाल रोहिल्ला, करतार सिंह, मुकेश बेनीवाल, सुरेश देवी, रमेश जागलान, जितेन्द्र मोर, अशोक कुमार, मास्टर भरत सिंह, शाबीर खान, रत्तीराम, सीबी भूटानी, रमेश तेवतिया, युद्धवीर सिंह खत्री, सुरजीत नागर और सतबीर चाहर मौजूद रहे। यूएम खान और सतपाल नरवत ने बताया कि 12 दिसंबर को रामलीला मैदान में रैली और 13 दिसंबर को संयुक्त कन्वेंशन होगा।
