ठेका कर्मियों को रेगुलर करने की मांग को लेकर बिजली कर्मियों ने एसई आफिस पर किया प्रदर्शन

20 मई को बिजली मंत्री के आवास पर करेंगे विरोध प्रदर्शन, फरीदाबाद से हजारों कर्मचारी होंगे शामिल

फरीदाबाद। ठेका कर्मियों को पक्का करने की बजाय उनको बार बार अलग-अलग तरीके से मानसिक रूप से परेशान करने के खिलाफ मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने सेक्टर 23 स्थित एसई आफिस पर आक्रोश प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पारित प्रस्ताव में नगर निगम और फायर के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल और मांगों का पुरजोर समर्थन किया तथा सरकार से मांगों का समाधान कर हड़ताल समाप्त करवाने की अपील की गई। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के बेनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान एसई की गैरमौजूदगी में एनआईटी फरीदाबाद की एक्सियन उर्मिला ग्रेवाल को ज्ञापन सौंपा और अलग-अलग तरीके से ठेका कर्मचारियों के किए जा रहे उत्पीडऩ पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव में 20 मई को बिजली मंत्री अनिल विज के अंबाला कैंप आफिस पर होने वाले प्रदर्शन में बढ़-चढक़र हिस्सा लेने का ऐलान किया गया।

सर्कल सचिव कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन में इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा,ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी, पूर्व उपाध्यक्ष एवं किसान नेता सतपाल नरवत, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव लज्जा राम के अलावा सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान एवं सीसी सदस्य करतार सिंह,सीसी सदस्य मनोज जाखड़,यूनिट कमेटी के नेता दिनेश शर्मा, रामकेश साहरण,भूप सिंह कौशिक, सुरेन्द्र शर्मा,प्रवेश बैंसला,असरफ खान, सुबोध कुमार आदि शामिल हुए और संबोधित किया। भीष्म गर्मी के बावजूद बिजली कर्मचारियों का ग़ुस्सा देखते ही बनता था। प्रदर्शन में चेतावनी दी कि जांच का बाहना बना कर किसी भी ठेका कर्मचारी को नौकरी से निकालने की हिमाकत की तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर सडक़ों पर उतरने मजबूर होंगे। भीष्म गर्मी में आम आदमी को कोई परेशानी होगी तो इसके लिए सरकार व निगम प्रबंधन जिम्मेदार होगा।

इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए इटरयूटीलिटीज ट्रांसफर खौलने, ठेका कर्मचारियों को पक्का करने,सभी प्रकार के उत्पीडऩ पर रोक लगाने, पुरानी पेंशन बहाल करने,सभी ठेका व नियमित कर्मियों को पांच हजार रुपए जोखिम भत्ता देने, बकाया डीए डीआर रिलीज करने, निजीकरण पर रोक लगाने आदि मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि सन् 2022 से डाटा एंट्री ऑपरेटर व एलडीसी के वेतन में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। यह उनके साथ भद्दा मजाक है। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी  ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली निगमों में करीब 16 हजार से ज्यादा ठेका कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद ठेका कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एचकेआरएन की नोटिफिकेशन के बिंदु 8.1 के अनुसार एचकेआरएन में पोर्ट होते समय उस पद की शैक्षणिक योग्यता में अगर कोई कमी है और अगर कर्मचारी के पास तीन साल का अनुभव है तो, शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जा सकती है। लेकिन इसके बावजूद कुछ कर्मचारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आरटीआई नियमों पर ताक पर रखकर ठेका कर्मचारियों की निजी जानकारी सांझा की है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिरायु योजना में ठेका कर्मचारियों की सेलरी से कटौती होने के बावजूद ईलाज के लिए कार्ड नहीं बन रहें हैं।

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