बल्लभगढ़ का रेलवे यार्ड बना ‘प्रदूषण बम’, लोगों का फूटा गुस्सा
फरीदाबाद। फरीदाबाद में इन दिनों प्रदूषण का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। अभी दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी के बाद यहां स्थिति और भी भयावह हो सकती है। वैसे भी फरीदाबाद जिला देश के सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में छठवें नंबर पर आया है। शहर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन बल्लभगढ़ का रेलवे यार्ड इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। यहां रोजाना धुएं का घना गुबार उठता रहता है। यार्ड से उठता धुआं आसपास के इलाकों में फैल रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि यार्ड और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र धुंध और धुएं की चादर में लिपटा नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे यार्ड में धूल और धुएं को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिडक़ाव नहीं किया जाता।
यदि पानी का छिडक़ाव कराया जाए तो धूल के उडऩे पर काफी हद तक रोक लग सकती है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कदम उठता दिखाई नहीं दे रहा। एक तरफ प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर आम लोगों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ रेलवे यार्ड में रोजाना उठते धुएं के गुबार पर किसी की नजर नहीं है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े अभियान या शिकायत का इंतजार कर रहे हैं? आसपास रहने वाले परिवारों को आखिर प्रदूषण से राहत कब मिलेगी। लोगों का कहना है कि प्रशासन को बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए, निरंतर पानी का छिडक़ाव करवाना चाहिए, जिससे कि धूल उड़ न पाए और यहां रहने वाले लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर यही सिलसिला रहा तो यहां के लोग सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे।
