वाईएमसीए प्रशासन की दोहरी नीति के खिलाफ कर्मचारियों की गेट मीटिंग, 15 नवंबर को करेंगे प्रदर्शन
शनिवार के अवकाश को लेकर जताई नाराजगी, सीटू ने आंदोलन की चेतावनी दी
फरीदाबाद। वाईएमसीए वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित दोहरी नीति के विरोध में बुधवार को गेट मीटिंग की। इसकी अध्यक्षता यूनियन प्रधान लेखराज ने की। बैठक को सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल और दीपक ने संबोधित किया।
वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा कि महानिदेशक, तकनीकी शिक्षा विभाग, हरियाणा ने 7 अक्टूबर को पत्र जारी कर एचकेआरएनएल के कर्मचारियों को शनिवार के अवकाश संबंधी निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में इन आदेशों को समान रूप से लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 203 एचकेआरएनएल कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 148 कर्मचारियों को शनिवार को अवकाश दिया जा रहा है, जबकि करीब 50 कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि शनिवार को कोई महत्वपूर्ण, पूर्व निर्धारित या समयबद्ध कार्य लंबित नहीं है तो कर्मचारियों को संस्थान में उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। यूनियन ने इसके विरोध में 15 नवंबर को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। डंगवाल ने बताया कि सीटू के आह्वान पर 1 से 3 दिसंबर तक दिल्ली के रामलीला मैदान में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ महापड़ाव होगा, जिसमें वाईएमसीए के कर्मचारी भी शामिल होंगे।
