बचपन में आर्यवीर दल में बिताए अपने दिनों को बताया स्वर्णिम समय
बोले महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का समय
कैथल आज आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान राधाकृष्ण आर्य के कैथल स्थित कार्यालय में संजय सेतिया मंडल पति कैथल आर्यवीर दल, लक्ष्मण शिक्षक आर्यवीर दल का आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान राधाकृष्ण आर्य ने अपने कार्यालय में पहुंचने पर स्वागत किया और अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनका सम्मान किया। इस दौरान आर्यवीर दल द्वारा क्षेत्र में चलाई जा रही गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा हुई और आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान राधाकृष्ण आर्य ने कहा कि वे हमेशा इस पर गर्व करते हैं कि वे आर्यवीर दल के सिपाही रहे हैं और युवाओं में सबसे अधिक परिवर्तन अगर कोई कर सकता है तो वह आर्यवीर दल है।
राधाकृष्ण आर्य ने कहा कि बचपन में 7-8 वर्ष की आयु में वे आर्यवीर दल से जुड़े और आर्यवीर दल से उन्हें शारीरिक शिक्षा के साथ-साथ वेदों के बारे में ज्ञान, महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं के बारे में, इतिहास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक ज्ञान भी मिला। जिससे उनके जीवन में सकारात्मक विचारों के ज्वारभाटे ने जन्म लिया और इससे निश्चित रूप से उनके जीवन शैली और जीवन में बेहद सुधार आया। देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा और बचपन के स्वर्णिम दिनों को याद करते हुए राधाकृष्ण आर्य ने कहा कि निश्चित रूप से वे दिन मेरे जीवन के स्वर्णिम दिन थे।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से युवा लगातार नशे की ओर बढ़ रहे हैं और छोटे बच्चों में लगातार मोबाइल का चलन बढ़ रहा है। यह निश्चित रूप से चिंताजनक है और इन बुराइयों को समाज से खत्म करने का से अधिक माद्दा आर्यवीर दल में ही है क्योंकि आर्यवीर दल युवाओं और किशोर बच्चों का दल है। राधाकृष्ण आर्य ने कहा कि यह समय महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं को जमीनी स्तर पर चरितार्थ करने का है और उनकी 200वीं जन्म जयंती पर यह जिम्मेदारी हमारी बनती है कि उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचा कर समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करें। उन्होंने कहा कि आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा लगातार महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है और अधिक से अधिक युवा प्रेरित हो देश सेवा और समाज सेवा में अपना समय लग रहे हैं।
