बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डीसी ने किया ग्राउंड निरीक्षण
जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग और सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था करें सुनिश्चित
फरीदाबाद। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के प्रभावी समाधान और सीवरेज-ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बुधवार को एनएचपीसी अंडरपास, बडख़ल फ्लाईओवर, ओल्ड अंडरपास, नीलम फ्लाईओवर, मुगल पुल और बुढिय़ा नाला सहित विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थलों पर जल निकासी प्रबंधों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर एफएमडीए, नगर निगम फरीदाबाद एवं एचएसवीपी के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत एनएचपीसी अंडरपास से करते हुए उपायुक्त ने वहां जल निकासी की व्यवस्था,
पंपिंग सिस्टम तथा नालों की सफाई की स्थिति का अवलोकन किया। इसके उपरांत उन्होंने बडख़ल फ्लाईओवर, ओल्ड अंडरपास और नीलम फ्लाईओवर का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से बरसात के दौरान आने वाली चुनौतियों तथा उनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी प्राप्त की। मुगल पुल और बुढिय़ा नाला क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने जल प्रवाह में बाधा बनने वाले कारकों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी प्रमुख नालों, ड्रेनों और सीवरेज लाइनों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि वर्षा जल का निर्बाध प्रवाह बना रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अंडरपासों पर स्थापित पंपसेट्स की क्षमता एवं कार्यशीलता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भारी वर्षा के दौरान जल निकासी का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके। उन्होंने कहा कि मानसून अवधि में पंप ऑपरेटरों की चौबीसों घंटे ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, जल निकासी से संबंधित अन्य मशीनरी एवं उपकरणों को भी पूर्णत: कार्यशील अवस्था में रखा जाए। डीसी ने बिजली आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंडरपासों और संवेदनशील स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उपलब्ध डीजी सेटों में पर्याप्त ईंधन की उपलब्धता बनाए रखी जाए।
उन्होंने पुलिस एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भारी वर्षा के दौरान आवश्यकता पडऩे पर अंडरपासों और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग की जाए साथ ही ट्रॉफिक भी सुचारु रूप से चलता रहे। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं को न्यूनतम स्तर पर रखना है। इसके लिए सभी विभागों को पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगामी मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान एचएसवीपी एसई संदीप दहिया सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
