सैकड़ो अतिथि अध्यापको ने लघु सचिवालय से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
कुरुक्षेत्र: प्रदेश भर से सैकड़ो अतिथि अध्यापक ने गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के हाईकोर्ट के फैसले क लागु करने की मांग को लेकर लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक प्रदर्शन किया! रोष प्रदर्शन से पहले लघु सचिवालय मे सभा का आयोजि की गई जिसकी अध्यक्षता शहीद राजरानी के पिता श्री रणधीर सिंह कुंडू ने की. सभा का संचालन पूनम कुमारी ने किया उपस्थित अध्यापको को सम्बोधित करते हुए राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के राज्य प्रधान दिनेश यादव राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव कृष्ण नैन हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह राज्य महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया अतिथि अध्यापको को नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलन की आगामी कडी मे कल 30 जून 2026 को प्रदेश के सभी जिलो मे12-12 घंटे का अनशन किया जाएगा व जिला शिक्षा अधिकारियो के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप जाएगा ,
हेमसा राज्य प्रधान संदीप सांगवान, आल इंडिया लायेर युनियन के राज्य उप सचिव राजविंद्र सिंह चंदी, रेखा रानी, सुरेंद्र दहिया अशोक शास्त्री रिशाल सिंह ने कहा 16 अप्रैल 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक एतिहासिक निर्णय मे प्रदेश के कच्चे कर्मचारियों व शिक्षकों को नियमित करने का आदेश दिया गया और 29/04/2026 व 27/05/2026 को माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापको को पक्का करने के आदेश दिया गया है लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक एक भी अध्यापक को निययित नहीं किया इसलिए मजबूरन सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के निर्णय को लागु करवाने के लिए 23 जून 2026 से लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र मे अनिश्चित कालीन पडाव शुरु किया गया है और उपायुक्त महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है इसलिए राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने फैसला लिया है कल 29 जून 2026 को कुरुक्षेत्र शहर मे जोरदार रोष प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तरफ कुच किया जाएगा व मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपा जाएगा!
लघु सचिवालय पर चल रहे पडाव का आज छटा दिन है जिसकी अध्यक्षता महेश तेवतीय पलवल ने की ! उपस्थित अध्यापकों को संबोधित करते हुए महेश तेवतिया, राजकुमार कालीरमन ने कहा 17 अप्रैल 2026 को माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय के एक अहम फैसले अनुसार 16 एवं 18 जून 2014 की हरियाणा सरकार की नियमितीकरण की नीतियों को वैध करार दिया है तथा 29 अप्रैल 2026 व 27 मई 2026 को माननीय पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के पक्ष मे आदेश पारित किया है उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत सभी अतिथि अध्यापक इन दोनों नीतियों के तहत नियमित होने की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। अत: तत्काल प्रभाव से सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए और जून 2014 से सभी लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होंने बताया कि 2014 में हरियाणा सरकार ने ग्रुप बी,सी एवं डी के तहत कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारियों/शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए नीतियां बनाई थी और इनके तहत कई विभागों के 4654 कर्मचारियों को पक्का किया गया था। संगठन के लगातार प्रयास से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए श्री एस एस ढिल्लों प्रिसिंपल सचिव मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने वित सचिव शिक्षा विभाग को 09/09/2014 को लिखित आदेश दिया था।
परन्तु इसके दो दिन बाद ही विधानसभा चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता लगने के कारण अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मामला अधर में लटक गया और सभी शर्तों को पूरा करने के बावजूद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने से वंचित कर दिया गया था। परन्तु 2014 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सता परिवर्तन हो गया और भाजपा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते नियमितीकरण की इन नीतियों को 5 मई,2015 को होल्ड पर रखते हुए कर्मचारियों के नियमितीकरण के रस्ते बंद कर दिए और इसके बाद जून 2018 में इन नीतियों के खिलाफ लगी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन नीतियों को रद्द कर दिया। तत्पश्चात माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय ने 26 नवंबर 2018 को यथास्थिति बरकरार रखते हुए मामले की सुनवाई जारी रखी। जिस पर 17 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए 2014 मे बनी पालिसी को सही बताया और हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल व 27 मई को नियमित करने का फैसला सुनाया वक्ताओ ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि उपरोक्त निर्णय को लागु करते हुए तुरंत प्रभाव से नियमितीकरण की प्रकिया शुरु की जाए! इस मौके पर सैकड़ो की संख्या मे अतिथि अध्यापको ने हिस्सा लिया
