मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास, विश्व योगासन चैंपियनशिप में जीते दो गोल्ड
78 देशों के खिलाडिय़ों के बीच चमकी फरीदाबाद की बेटी
फरीदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में फरीदाबाद की होनहार खिलाड़ी मनीषा गिरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मनीषा ने सीनियर वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आर्टिस्टिक ग्रुप योगासन एवं आर्टिस्टिक पेयर योगासन स्पर्धाओं में भाग लिया और दोनों ही इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। विश्व के 78 से अधिक देशों और 500 से अधिक खिलाडिय़ों की भागीदारी वाली इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता का वर्चुअल उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल,
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, योग गुरु बाबा रामदेव, साध्वी देवप्रियाजी, अहमदाबाद के महापौर हितेश बरोट, सांसद दिनेशभाई मकवाना सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। फरीदाबाद के एनएचपीसी चौक के निकट राजीव नगर की रहने वाली मनीषा गिरी की सफलता संघर्ष, मेहनत और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। एक साधारण परिवार से संबंध रखने वाली मनीषा के पिता नारायण गिरी एक निजी कंपनी में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की प्रतिभा को पहचानते हुए उसे आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
आज उसी मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम है कि मनीषा विश्व योगासन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतकर विश्व विजेता बनी हैं। मनीषा ने अपनी योग यात्रा की शुरुआत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सराय ख्वाजा से की थी। विद्यालय स्तर से शुरू हुआ यह सफर निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ता गया। इसके बाद उन्होंने योगिराज कृष्ण अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ में अध्ययन के दौरान योगासन खेल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। इसी दौरान मनीषा ने दो बार नेशनल गेम्स में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इन सफलताओं ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। उल्लेखनीय है कि योगासन खेल में उत्कृष्ट उपलब्धियों के आधार पर मनीषा का चयन आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल) में स्पोट्र्स कोटा के अंतर्गत कांस्टेबल पद पर हुआ। उन्होंने मार्च 2026 में अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग पंचकूला, हरियाणा में हुई है। खेल और सेवा दोनों क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। फरीदाबाद योगासन स्पोट्र्स एसोसिएशन के महासचिव अंकुर एवं सचिव श्याम कुमार ने मनीषा गिरी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए बताया कि फरीदाबाद वापसी पर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मनीषा की सफलता जिले, प्रदेश और देश के युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा है तथा उनकी उपलब्धि से योगासन खेल को नई पहचान मिली है। कोच मनीष जी ने बताया कि मनीषा की मेहनत और लगन बाकी बच्चों से अलग शुरू से ही रही जिसकी कारण आज ये पदक भारत के नाम किया गया मनीषा की इस दोहरी स्वर्णिम सफलता पर खेल जगत, योगासन समुदाय, शिक्षकों, खिलाडिय़ों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह भविष्य में भी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
