लगातार हेडेक को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी : डॉ. विक्रम दुआ
फरीदाबाद। विश्व ब्रेन ट्यूमर डे के अवसर पर विशेषज्ञों ने लोगों से ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने और समय पर जांच कराने की अपील की है। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. विक्रम दुआ ने कहा कि बच्चों में ब्रेन ट्यूमर दूसरी सबसे आम न्यूरोलॉजिकल बीमारी मानी जाती है। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण अब इसके इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। डॉ. विक्रम दुआ ने बताया कि वर्तमान समय में लोगों में सिरदर्द (हेडेक) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अधिकांश मामलों में सिरदर्द सामान्य कारणों से होता है, लेकिन यदि सिरदर्द लगातार बना रहे, सुबह के समय अधिक हो, उल्टी, चक्कर, धुंधला दिखना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या दौरे जैसी समस्याएं साथ में दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी की ओर संकेत कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पहले ब्रेन ट्यूमर का पता लगाना और उसका उपचार चुनौतीपूर्ण माना जाता था, लेकिन अब एमआरआई, सीटी स्कैन, न्यूरो-नेविगेशन सिस्टम और अत्याधुनिक न्यूरोसर्जरी तकनीकों की मदद से बीमारी की सटीक पहचान और प्रभावी उपचार संभव हो गया है। कई मामलों में मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन भी जी सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बीमारी की जल्द पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए लगातार सिरदर्द, व्यवहार में बदलाव, पढ़ाई में अचानक गिरावट, संतुलन बिगडऩे या दृष्टि संबंधी समस्या होने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. विक्रम दुआ ने कहा कि जागरूकता और समय पर जांच ही ब्रेन ट्यूमर से होने वाली जटिलताओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी संकेतों को नजरअंदाज न करने और आवश्यकता पडऩे पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
