प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण ही है मानव जाति का अस्तित्व : स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य

श्री सिद्धदाता आश्रम में जगद्गुरु महाराज ने किया पौधारोपण, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश

फरीदाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम, श्री सिद्धदाता आश्रम में पर्यावरण संरक्षण का व्यापक संदेश दिया गया। आश्रम के अधिपति एवं जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने स्वयं आश्रम परिसर में पौधारोपण कर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया। पर्यावरण दिवस के इस पुनीत अवसर पर जगद्गुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने महाविद्यालय के छात्रों के साथ मिलकर आश्रम परिसर में आम, नींबू और चीकू जैसे फलदार पौधे लगाए।

इस दौरान महाराज जी ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण ही मानव जाति का अस्तित्व है। हमारे धर्मग्रंथों में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है। फलदार वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध रखते हैं, बल्कि जीव-जंतुओं और मनुष्यों के लिए पोषण का आधार भी बनते हैं। महाराज जी ने सभी भक्तों और समस्त शहरवासियों से आह्वान किया कि वे अपने जन्मदिन या किसी भी शुभ अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे एक संतान की तरह पालें। इस कार्यक्रम में आश्रम के सेवादारों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

जैसा कि सर्वविदित है, श्री रामानुज संप्रदाय की परंपरा में दिल्ली से सटे फरीदाबाद में स्थापित श्री सिद्धदाता आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम आज विश्व भर से आने वाले भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को आदिदैविक, आदिदैहिक एवं आदिभौतिक समस्याओं से मुक्ति प्राप्त हो रही है और वे यहाँ से सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त करते हुए अपने जीवन को सफल बना रहे हैं। यह दिव्य स्थान भक्तों को सुखमय जीवन व्यतीत करते हुए मुक्तिधाम का पथिक बनने की प्रेरणा देता है। ज्ञात हो कि आश्रम न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि यह अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक प्रकल्पों का संचालन भी कर रहा है। आश्रम द्वारा निशुल्क भोजन, निशुल्क शिक्षा, गोवंश का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, भजन-प्रवचन एवं यज्ञादि जैसे महान कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आश्रम द्वारा संचालित ‘स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद-वेदांग संस्कृत महाविद्यालय’ के छात्रों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढक़र सहभागिता की।

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