यूपीएससी परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी : आयुष सिन्हा
डीसी बोले, लापरवाही बरतने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
फरीदाबाद। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस प्रीलिमिनरी परीक्षा 24 मई 2026 को फरीदाबाद में दो पालियों में संपन्न होगी। इस परीक्षा के सफल एवं पारदर्शी संचालन को लेकर आज शनिवार को सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी कन्वेंशन हॉल में बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने परीक्षा केंद्रों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सेंटर सुपरवाइजर, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, लोकल इंस्पेक्टिंग ऑफिसर (एलआईओ), ट्रांजिट ऑफिसर उपस्थित रहे।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि जिले में कुल 37 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें एक केंद्र विशेष रूप से दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित किया गया है। परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी — प्रात: 9:30 से 11:30 (पेपर-1) तथा दोपहर 2:30 से 4:30 (पेपर-2)। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा तथा किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीसी आयुष सिन्हा ने सभी सेंटर सुपरवाइजर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने केंद्रों में पेयजल, निर्बाध बिजली सप्लाई, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, वॉल क्लॉक, बायोमेट्रिक के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी, जैमर तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि इस बार परीक्षा में फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया लागू की जा रही है, जिसके लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थिर वाई-फाई कनेक्शन और एंड्राइड फ़ोन होना अनिवार्य है। फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़े सभी इनविजिलेटर्स को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों स्वच्छ पेयजल और ओआरएस जैसे विशेष प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र पर स्वच्छ पेयजल, डिस्पोजेबल ग्लास, छायादार प्रतीक्षा स्थल तथा मेडिकल सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित हो। किसी भी अभ्यर्थी की तबीयत खराब होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यकतानुसार एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने बताया कि आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश केवल वैध एडमिट कार्ड और मूल पहचान पत्र के आधार पर ही दिया जाएगा। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी, बायोमेट्रिक एवं फेस सत्यापन, मोबाइल जैमर आदि इंतजामों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। डीसी ने सभी अधिकारियों को समय की पाबंदी बरतने, आपसी समन्वय बनाए रखने तथा परीक्षा प्रक्रिया को पूर्ण गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपीएससी परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं। बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, बडख़ल एसडीएम त्रिलोक चंद, फरीदाबाद एसडीएम डॉ हनी बंसल, सीटीएम् अंकित कुमार, यूपीएससी से सेक्शन ऑफिसर, पुलिस, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
