कर्मचारी को बर्खास्त करने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया धरना

फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र में 15 मई की रात पार्किंग में हुई डिलीवरी के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती गई कथित लापरवाही को लेकर जहां एक ओर जांच और कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर विभाग के एनएचएम कर्मचारी और आशा वर्कर अपने साथी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुखबीर को बर्खास्त किए के विरोध में लगातार आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व कर रहे स्वास्थ्य विभाग की तालमेल कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मोर ने कहा कि वर्ष 1998 से अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारी सुखबीर को बिना निष्पक्ष जांच के नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान हुई लापरवाही में जिन लोगों की जिम्मेदारी अधिक थी, उन पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय एक फोर्थ क्लास कर्मचारी को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन सुखबीर ड्यूटी पर मौजूद था और उसने पीडि़त परिवार की हरसंभव मदद की थी। पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका सहयोग किया। जितेंद्र मोर ने कहा कि कर्मचारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभाग को सुखबीर के खिलाफ कोई कार्रवाई करनी ही थी तो उसका तबादला किया जा सकता था, लेकिन सीधे सेवाओं से बर्खास्त करना पूरी तरह गलत फैसला है। कर्मचारियों का कहना है कि सुखबीर पिछले 28 वर्षों से ईमानदारी और मेहनत से अपनी सेवाएं दे रहा था और अचानक इस तरह नौकरी से निकाल देना अन्याय है।

धरने में शामिल एनएचएम और आशा वर्करों ने चेतावनी दी कि जब तक सुखबीर की सेवाएं बहाल नहीं की जातीं और अन्य फोर्थ क्लास कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर नहीं रखा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने अपने कई नियमित कार्य भी बंद कर दिए हैं और बड़ी संख्या में धरने में शामिल हो रहे हैं। जितेंद्र मोर ने बताया कि फिलहाल धरना स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चल रहा है, लेकिन सोमवार से इसे जिला स्तरीय आंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके तहत सभी कर्मचारी सिविल सर्जन अस्पताल के मुख्य गेट पर एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी और कर्मचारियों का पक्ष उनके सामने रखा जाएगा।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.