शहर से गांव तक बही योग की बयार, हर वर्ग ने किया प्राणायाम और ध्यान

 तनावपूर्ण माहौल में योग शांति और संतुलन का मार्ग दिखाता है : कृष्ण पाल

फरीदाबाद। 21 जून की सुबह कुछ खास थी…सूरज की किरणों के साथ-साथ औद्योगिक नगरी की फिजा में घुला योग का उजाला। शहर की तेज रफ्तार जिंदगी कुछ पल थमी और सांसों की रफ्तार पर ध्यान टिका। फैक्ट्री की मशीनें शांत थीं, लेकिन पार्कों, गलियों और गांव की चौपालों में गूंज रही थी ॐ की ध्वनि। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शहर से लेकर गांव तक हर वर्ग, हर उम्र ने तन, मन और आत्मा को जोड़ने की कोशिश और पूरा इलाका बन गया योगमय।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र और वर्ग के लोगों ने योग में भाग लिया। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों में विशेषज्ञों ने लोगों को आसनों के सही तरीकों और लाभों के बारे में जानकारी दी।

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