हरियाणा सरकार द्वारा विवि की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने से 1500 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों पर लटकी छंटनी की तलवार से मिली राहत- हुकटा

प्रतिनिधि मंडल मिला पूर्व चेयरमैन व प्रदेश प्रवक्ता बीजेपी कृष्ण धुल
मुख्य मांग:-
1. सरकार विधानसभा चुनाव से पहले 15 विश्वविद्यालयों में 15 वर्षों से कार्यरत लगभग 1500 अनुबंध/अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमितीकरण की पॉलिसी बनाकर 60 वर्ष के लिए सेवा सुरक्षा प्रदान कर रोजगार सुरक्षित करे:-विजय मलिक

2. विश्वविद्यालयों के अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित या एडजस्ट करने के बाद ही शेष बचे पदों पर हो नियमित भर्ती :-विजय मलिक

प्रेस नोट:
चंडीगढ़ 26 जुलाई,2024

लंबे संघर्ष के बाद हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने से 1500 अनुबंधित/अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों के रोजगार पर संकट के खतरे में राहत मिली है।

हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्टचुअल टीचर्स एसोसिएशन, (हुकटा) के प्रतिनिधि मंडल ने आज गोहाना कृष्ण ढुल से मुलाकात कि सरकार के विवि की भर्ती प्रक्रिया में रोक लगाने के आदेश की सराहना कर आभार व्यक्त किया है और साथ में
मांग की कि विश्वविद्यालयों में पहले से कार्यरत अस्थायी/अनुबंधित/पार्ट टाइम/विज़िटिंग फैकल्टी आदि पदनामों पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों को विधानसभा चुनाव से पहले नियमतिकरण की पालिसी बनाकर 60 वर्ष के लिए सेवा सुरक्षा की जाए फिर उसके बाद खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए ताकि सबका रोजगार सुरक्षित रह सकें।इस पर ढुल साहब ने कहा कि हमारी सरकार ने आज उच्च अधिकारी की कमेटी पालिसी फ्रेम करने के लिए बनाई हुई थी,उनकी मीटिंग आप सबके लिए काफी सकारात्मक रही है, हमारी सरकार आप सबको नियमानुसार नियमित कर 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा देगी,किसी का भी रोजगार नहीं जाने देगी।

हुकटा के प्रदेशाध्यक्ष विजय मलिक ने बताया कि जब यूनिवर्सिटी में स्टाफ की भारी कमी थी तब अनुबंध असिस्टेंट प्रोफेसरों ने बहुत ही कम सैलरी में यूनिवर्सिटी में अपनी सेवाएं दी हुई हैं और यूनिवर्सिटीज में शिक्षण के अलावा सभी कमेटियों में भी काम कर रहे हैं।
हालांकि संघ ने रोजगार बचाने के लिए संघर्ष करते पूरे 2 साल से ज्यादा हो गए हैं,लेकिन केवल राज्य सरकार की तरफ से अब आशा की किरण जगी है कि सरकार हम सबके लिए अच्छा निर्णय लेगी और फिर हमारे भी अच्छे दिन आएंगे। इसी क्रम में संघ सभी सांसदों व विधायकों को भी ज्ञापन सौंप रहा है।

अनुबंध पर चयनित अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति में किया है सब नियमों का पालन:

प्रदेशाध्यक्ष विजय मलिक ,कोषाध्यक्ष मनजीत व श सचिव अरुण गर्ग ने जोर देकर कहा कि अनुबंध पर चयनित अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति में सब नियमों का पालन किया गया है।अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों के तौर पर उन्हीं आवेदकों की नियुक्ति की गई है जो सब यूजीसी के मापदंडों को पूर्ण करते हैं। वे सब प्रारंभिक वेतनमान पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।अधिकतर अनुबंध असिस्टेंट प्रोफेसर ऐसे हैं जिनकी आवदेन के लिए आयु पूरी हो चुकी है या उसके आस-पास पहुंच चुकी है।अगर उनकी छंटनी हुई,इससे उन पर आश्रित उनके करीब 30 हजार फैमिली मेंबर्स का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा।

हुकटा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि
सरकार वर्ष 2003,2006,2011 व 2014 में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए पालिसी बनाती रही हैं, खुद आपकी सरकार ने 2019 में विद्यालयों के गेस्ट टीचर को 58 साल की सेवा सुरक्षा दे रखी है, जब विद्यालय में सेवा सुरक्षा दी जा सकती है तो महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के अस्थायी शिक्षकों को भी देनी चाहिए ताकि सबको सकारात्मक न्याय मिल सकें।

हम सब नियमित भर्ती करने के पक्षधर हैं, लेकिन पहले राज्य सरकार हमारा रोजगार 60 साल तक की पालिसी बनाकर नियमित करे। इस मौके पर हुकटा इकाई की भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की अध्यक्ष सुमन रंगा, प्रवक्ता दिनेश कुमार,उपाध्यक्ष अमित मलिक,सोहनलाल, मीनू, पिंकी,मोनिका,पूनम,ज्योति,रमणी,सोनू, जितेंद्र, ओमबीर,स्वीटी,अर्चना ,अंकिता आदि मौजूद रहें।

जारीकर्ता:-

विजय कुमार
अध्यक्ष
हुकटा,हरियाणा
9991073416

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