अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ में जीएसटी 2.0 पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सार्थक समापन

बल्लभगढ़ । अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ में वाणिज्य विभाग द्वारा जीएसटी 2.0 सामाजिक समावेश, सतत विकास और आर्थिक मजबूती के लिए रोड मैप विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस का समापन अनेक सार्थक परिणामों के साथ हुआ। प्रथम दिवस में तीन तकनीकी सत्र पूर्ण होने के पश्चात द्वितीय सत्र का प्रारंभ दीप प्रज्वलन की परंपरा एवं अग्रवाल कॉलेज कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ संजीव कुमार गुप्ता द्वारा अतिथियों के स्वागत कथन के साथ हुआ।

चतुर्थ सत्र में आमंत्रित वार्ता के लिए उपस्थित उमाशंकर (एजीएम(फाइनेंस) एसआईएस लिमिटेड नई दिल्ली,मेंबर ऑफ नेल) ने हरित विकास को अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी और मौसम परिवर्तन को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों और प्रदूषण कम करने वाली मशीनों पर टैक्स कम कर रही है। जो सतत विकास में सहायक होगा।

अतिथि वक्ता विजय नरेश जटवानी (डायरेक्टर डिजिटेक सर्विस प्राइवेट लिमिटेड) ने स्पष्ट किया कि जीएसटी 2.0 केवल हिसाब किताब का माध्यम नहीं है बल्कि इसके द्वारा प्रदूषण कम करना, रोजगार को बढ़ावा देना और आर्थिक पक्ष को मजबूत करना प्रमुख उद्देश्य हैं। सत्र अध्यक्ष डॉ पारूल खन्ना (प्रोफेसर एवं वाइस प्रिंसिपल आईएमटी फरीदाबाद) ने सभी शोध पत्र प्रस्तुतकर्ताओं को ध्यानपूर्वक सुनते ही हुए सभी का धन्यवाद किया।

तत्पश्चात पंचम सत्र मे आमंत्रित वार्ता के लिए आए निकुंज गुप्ता(सी ए) ने तकनीकी प्रगति को आवश्यक मानते हुए कहा कि अब हमें डाटा एनालिटिक्स और एआई का उपयोग करना चाहिए। इसके द्वारा हम भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का पहले से अनुमान लगा सकते हैं।जीएसटी की दरों को सरल बनाना और रिफंड की प्रक्रिया को तेज करना वे फॉरवर्ड की प्रक्रिया है। सत्र अध्यक्ष डॉ राजपाल सिंह (प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग एमडीयू रोहतक) ने शोधार्थियों की प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए प्रश्न किया और समस्याओं के संबंध में सुझाव भी प्रस्तुत किये।उन्होंने कहा की जीएसटी के सफल एकीकरण का सबसे बड़ा प्रमाण है और इसका लक्ष्य ऑटोमेटेड सिस्टम बनाना है ।

संगोष्ठी समापन सत्र में मुख्य अतिथि और समापन उद्बोधक डॉ अशोक कुमार मिश्रा (प्रोफेसर ऑफ प्रेक्टिस एट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ लॉ जामिया हमदर्द नई दिल्ली) ने जीएसटी 2.0 देश के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने का सशक्त उपकरण विषय को आधार बनाते हुए कहा कि एआई के उपयोग से टैक्स चोरी को रोकना आसान हुआ है। यह रिफंड की प्रक्रिया को तेज करके यह स्वस्थ वातावरण प्रदान करता है । यदि दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों पर टैक्स कम हो तो आम आदमी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं काफी सुविधाजनक हो जाते हैं। जीएसटी 2.0 पूरी तरह से डिजिटल क्रांति पर आधारित है।

कार्यक्रम के प्रमुख संरक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता (अध्यक्ष, अग्रवाल कॉलेज गवर्निंग बॉडी) ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीएसटी 2.0 भारत के आर्थिक और सामाजिक स्वास्थ्य को सुधारने का एक मल्टी विटामिन है। यह भ्रष्टाचार के वायरस को खत्म करता है और विकास की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इसके द्वारा विकसित भारत का सपना जल्द ही साकार होगा।

विशिष्ट अतिथि एवं कार्यक्रम संरक्षक दिनेश कुमार गुप्ता (महासचिव, अग्रवाल कॉलेज गवर्निंग बॉडी) के संरक्षण में आयोजित इस दो दिवसीय संगोष्ठी में देश के अनेक राज्यों से आए शिक्षाविदों एवं विचारकों ने जीएसटी के संबंध में अपने विचारों,अनुभवो एवं जानकारियों को सांझा किया।

संगोष्ठी के द्वितीय दिवस पर 261 प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया। कार्यक्रम प्रबंध सचिव डॉ रेखा सेन द्वारा संगोष्ठी सारांश एवं संगोष्ठी संचालिका डॉ शोभना गोयल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सफल मंच से संचालन प्रबंध विभागाध्यक्ष डॉ शिल्पा गोयल द्वारा सुचारू रूप से किया गया। कार्यक्रम के अंत में बेस्ट पेपर अवार्ड, फीडबैक अवार्ड एवं अन्य सभी प्रतिभागियों को शोध पत्र प्रस्तुतीकरण के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

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