हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की अनूठी पहल: बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सहायता का केंद्र बना सूरजकुंड मेले का विशेष स्टॉल

बाल अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम

सूरजकुंड (फरीदाबाद), फरवरी 2025 – हरियाणा के 38वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले – 2025 में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा एक विशेष स्टॉल स्थापित किया गया है, जो बाल सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रहा है।

इस स्टॉल का शुभारंभ आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रवीन जोशी और डॉ. सुषमा गुप्ता, मानद महासचिव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़, द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देना और कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना है। यह स्टॉल न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेगा, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगा।

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा इस स्टॉल पर बच्चों, अभिभावकों और समाज के अन्य सदस्यों के लिए कई महत्वपूर्ण सेवाएँ और सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

बाल सुरक्षा मार्गदर्शन केंद्र – बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

नि:शुल्क कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श – विशेषज्ञों द्वारा किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान और सहायता प्रदान की जा रही है।

शिक्षा एवं जागरूकता अभियान – माता-पिता और बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

गोपनीयता और सम्मान की गारंटी – किसी भी समस्या का समाधान पूर्ण गोपनीयता और सम्मानजनक वातावरण में किया जा रहा है, जिससे पीड़ित को सुरक्षित माहौल में मदद मिल सके।

बाल अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित सेवा

यह स्टॉल विशेष रूप से उन बच्चों और अभिभावकों के लिए उपयोगी है, जो किसी भी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं या बाल अधिकारों व सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यदि किसी को कानूनी या मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता है, तो वे इस स्टॉल पर आकर नि:शुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर मंडल बाल कल्याण अधिकारी कमलेश शास्त्री, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी संरक्षक विमल खंडेलवाल, सलाहकार बाल सुरक्षा शशिकांत सिंह, प्रशासनिक सलाहकार दिनेश शर्मा, महक भारद्वाज और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना की और इसे बाल सुरक्षा एवं संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

समाज में सकारात्मक बदलाव की ओर एक नई पहल
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा उठाया गया यह कदम बाल संरक्षण और अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह स्टॉल सूरजकुंड मेले में आने वाले पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक लोगों को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ वे बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर सहायता भी ले सकते है
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग इस तरह की जागरूकता पहलों के माध्यम से बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। यह स्टॉल एक समर्पित प्रयास है ताकि हर बच्चा सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बन सके।

यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम है। आइए, हम सब मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें और एक सुरक्षित समाज का निर्माण करें।

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