दूरबीन तकनीक से एकॉर्ड अस्पताल में हुआ दो कैंसर मरीजों का सफल ऑपरेशन

फरीदाबाद। एकॉर्ड अस्पताल के रेस्पिरेटरी (श्वसन रोग) विभाग की टीम ने दो जटिल फेफड़ों के कैंसर के मरीजों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नई जिंदगी दी है। अस्पताल के वरिष्ठ श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील नागर के नेतृत्व में दोनों मरीजों का दूरबीन (ब्रोंकोस्कोपी) तकनीक से सफल उपचार किया गया। इलाज के बाद दोनों मरीज स्वस्थ हैं और सामान्य रूप से सांस ले पा रहे हैं। अस्पताल चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार ने सफल ऑपरेशन में लिए डॉक्टरों की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की बदौलत ऐसे जटिल मामलों का भी सफल उपचार संभव हो रहा है। समय पर सही जांच और उपचार मिलने से फेफड़ों के कैंसर के मरीजों को बेहतर जीवन मिल सकता है।

डॉ. सुनील नागर ने बताया कि पहला मरीज 70 वर्षीय गजराज लंबे समय से सांस फूलने, छाती में भारीपन और खून आने की समस्या से परेशान था। जांच के दौरान फेफड़े में दाईं ओर गांठ मिली। विस्तृत जांच में यह गांठ कैंसर की निकली। इसके बाद करीब एक घंटे तक चली प्रक्रिया में दूरबीन तकनीक के जरिए कैंसर की गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की सांस लेने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई और उसकी हालत सामान्य है। दूसरा मामला दिल्ली निवासी 66 वर्षीय जमुनती का था। मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी और उसे लगातार 10 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। कई स्थानों पर जांच के बाद उसे टीबी का मरीज बताया गया था, लेकिन आराम नहीं मिला। एकॉर्ड अस्पताल में विस्तृत जांच के दौरान पता चला कि उसके फेफड़े में कैंसर की गांठ है, जिससे फेफड़ा लगभग बंद हो गया था।

गांठ को छूने पर भी खून का रिसाव होने लगता था। डॉ. नागर ने बताया कि पहले मरीज के श्वसन मार्ग को खुला रखने के लिए विशेष छल्ला (स्टेंट) डाला गया। इसके बाद दूरबीन तकनीक से कैंसर की गांठ को सावधानीपूर्वक हटाया गया। सफल उपचार के बाद मरीज अब बिना ऑक्सीजन के सामान्य रूप से सांस ले रही है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि लंबे समय तक खांसी, सांस फूलना, खून आना या छाती में लगातार तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराएं।  डॉ. सुनील नागर ने बताया कि फेफड़ों के कैंसर में समय पर सही जांच और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक खांसी, सांस फूलना या खून आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आधुनिक ब्रोंकोस्कोपी तकनीक से कई जटिल मामलों का भी सफल उपचार संभव है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.