सडक़ों एवं ग्रीन बेल्ट पर कब्जा करने वालों पर निगम कसेगा नकेल : धीरेंद्र खडग़टा

निगमायुक्त ने निगम प्रवर्तन को प्रभावी बनाने हेतु ली समीक्षा बैठक

फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खडग़टा की अध्यक्षता में निगम प्रवर्तन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सलोनी शर्मा, एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ विजयपाल यादव,संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार, मुख्य अभियंता विवेक गिल, मुख्य नगर योजनाकार, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निगम आयुक्त ने बैठक में  स्पष्ट किया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 एवं विभिन्न नियमों जैसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, प्लास्टिक वेस्ट, सी एंड डी वेस्ट, ई-वेस्ट, बायो मेडिकल वेस्ट, सेप्टिक एवं सीवरेज नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आगामी 1 फरवरी से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।

इस बैठक में अवैध विज्ञापनों व टावरों पर होगी कार्रवाई, प्रॉपर्टी आईडी का त्वरित निर्माण,अवैध निर्माण पर सख्ती, जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, अवैध पानी व सीवर कनेक्शनों का नियमितीकरण, प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में तेजी, 81 कॉलोनियों से विकास शुल्क की वसूली, सी एंड डी वेस्ट की लिफ्टिंग, वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर चालान मुख्य बिंदुओं पर सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में निगमायुक्त ने शहर में लगाए गए सभी अवैध विज्ञापनों, होर्डिंग्स एवं अवैध मोबाइल टावरों की पहचान कर एक सप्ताह के भीतर उन्हें हटाने, जुर्माना लगाने एवं एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। अवैध अंडरग्राउंड केबल बिछाने वालों से निगम द्वारा अनुमति नहीं होने पर उनके कनेक्शन भी काटे जाएंगे। सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि लंबित प्रॉपर्टी आईडी तुरंत बनाई जाएं।

किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक अभियंता को प्रतिदिन कम से कम 5 अवैध निर्माण चिन्हित कर नोटिस जारी करने, कंपोजिशन शुल्क वसूलने एवं अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। सडक़ों, ग्रीन बेल्ट, पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने पर विशेष जोर दिया गया। सीएम विंडो, आरटीएस, जन संवाद, समाधान शिविर, सीपीजीआरएमएस आदि पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों का दैनिक आधार पर निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दो माह के भीतर सभी अवैध पानी एवं सीवर कनेक्शन नियमित किए जाएं। ऐसा न करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमित की गई कॉलोनियों से कलेक्टर रेट पर विकास शुल्क वसूली तथा डिफॉल्टरों से वार्षिक ब्याज सहित राशि वसूलने के निर्देश दिए गए।

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