गर्मी में बच्चों को डायरिया, हीट स्ट्रोक और फूड पॉइजनिंग का बढ़ा खतरा : डॉ. तौसीफ़

फरीदाबाद। भीषण गर्मी के साथ बच्चों में मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। खासकर डायरिया, हीट स्ट्रोक और फूड पॉइजनिंग के मामले इस मौसम में अधिक देखने को मिलते हैं।थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तौसीफ़ ने कहा कि गर्मी में दूषित भोजन और पानी के सेवन से बच्चों में डायरिया और फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है। बार-बार पतले दस्त, उल्टी, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। डायरिया के दौरान शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए बच्चों को पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, स्वच्छ पानी और तरल पदार्थ देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तेज धूप और अत्यधिक गर्म वातावरण में लंबे समय तक रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है।

शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाना, तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी, उल्टी और भ्रम की स्थिति इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए और बिना देर किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए। डॉ. तौसिफ ने बताया कि गर्मियों में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, बासी भोजन और कटे हुए फल बच्चों को नहीं खिलाने चाहिए। हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन दें तथा पीने के लिए उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें। बच्चों को धूप में निकलने पर हल्के सूती कपड़े पहनाएं, पर्याप्त पानी पिलाएं और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचाएं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चे को लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार, सुस्ती, पेशाब कम आना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर इलाज और उचित देखभाल से डायरिया, हीट स्ट्रोक और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.