पार्षद-अधिकारी विवाद से जनता बेहाल, आज से बंद हो सकते हैं ट्यूबवेल और डिस्पोजल

फरीदाबाद। नगर निगम कार्यकारी अभियंता और पार्षद की लड़ाई में शहर की जनता पिस गई है। निगम के तीनों जोन में काम बंद होने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कागजी काम करवाने आए लोग मायूस होकर वापस लौट गए। लोगों का कहना है कि पार्षद और कार्यकारी अभियंता के अपने मुद्दे अलग है। लेकिन इसमें जनता के काम को बाधित नहीं करना चाहिए। बृहस्पतिवार को निगम के कार्यकारी अभियंता कर्मचारी यूनियन के साथ मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारी यूनियन की ओर पार्षद दीपक यादव की गिरफ्तारी की मांग की गई। वहीं पार्षद के परिवार ने भी अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया।

इसके साथ ही बल्लभगढ़ सचिवालय में जाकर एसीपी को पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब दिया। पार्षद ने कहा कि उन्होंने किसी भी तरह से कानून का उल्लघंन नहीं किया है। वहीं इंजीनियरिंग शाखा की ओर से शुक्रवार से ट्यूबवेल और बूस्टर बंद करने की चेतावनी दी गई है। बता दे कि मंगलवार को पार्षद दीपक यादव ने बल्लभगढ़ नगर निगम कार्यालय में ताला लगा दिया था। उनका कहना था कि कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा उनके वार्ड में होने वाले विकास कार्यों को जानबूझ कर लटका रहे हैं। वार्ड मेंं एक सडक़ काफी खस्ता हाल में है। जिसका वर्क ऑर्डर भी हो चुका है। काम शुरू नहीं किया जा रहा। इस सडक़ पर कई स्कूल और एक कॉलेज है। जबकि कार्यकारी अभियंता का कहना है कि मानसून की वजह से काम रोका गया है। शहर में नगर निगम में 1690 ट्यूबवेल है। जबकि 300 के करीब डिस्पोजल है।

60 प्रतिशत आबादी ट्यूबवेल पर निर्भर है। क्योंकि रेनीवेल का पानी इन लोगों तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में अगर ट्यूबवेल बंद होते हैं तो लोगों के सामने पानी की किल्लत हो जाएगी। वहीं डिस्पोजल बंद होने सीवर ओवरफ्लो की स्थिति पैदा हो जाएगी। कई जगहों पर सीवर पहले ही ओवरफ्लो की स्थिति में रहता है। वार्ड नबर 42 के पार्षद दीपक यादव का कहना है कि हमने एसीपी को अपना जवाब दाखिल करा दिया है। मैंने किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन नहीं किया था। कार्यकारी अभियंता को पहले भी दो बार काम शुरू कराने को लेकर नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने संज्ञान नहीं लिया। नगर निगम कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा का कहना है कि जब तक दीपक यादव और पवन यादव सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेगे। यूनियन की ओर से कोई फैसला नहीं किया जाएगा। किसी भी अधिकारी के अपमान करने का हक पार्षद या अन्य किसी को नहीं है।

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