आधुनिक तकनीकों व समय पर उपचार से स्ट्रोक से बचाव संभव : डा. रोहित गुप्ता
स्ट्रोक और फैटी लिवर का आधुनिक तकनीक से इलाज संभव
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 86 स्थित एकॉर्ड सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल तथा आईएमए आयुष के संयुक्त तत्वावधान में नीलम बाटा रोड स्थित एक होटल में इलाज की नई तकनीकों की जागरूकता को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें शहर में 100 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अस्पताल न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. रोहित गुप्ता, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. रामचंद्र सोनी, डॉ. संदीप घोष एवं डॉ. तन्वी सावंत मुख्य अतिथि रहे। विशेषज्ञों ने न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के क्षेत्र में आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक और फैटी लिवर का आधुनिक तकनीक से पूरा इलाज संभव है। लोगों को जागरुक होकर समय पर अपना इलाज शुरू करवाना चाहिए।
वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने कहा कि स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लक्षण दिखते ही मरीज को तुरंत विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों और समय पर उपचार से मरीज की जान बचाने के साथ स्थायी विकलांगता के खतरे को भी काफी कम किया जा सकता है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. राम चंद्र सोनी ने कहा कि फैटी लिवर तेजी से बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारी बन गई है। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की, ताकि बीमारी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके। सेमिनार में उपस्थित न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप घोष ने स्ट्रोक के इलाज में नई प्रगति विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के इलाज में नई तकनीकों और दवाओं के कारण मरीजों के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। वहीं, गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. तन्वी सावंत ने फैटी लिवर : नई जानकारियां विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं। सेमिनार उपस्थित आईएमए आयुष के अध्यक्ष डॉ. अनिल अहुजा, उपाध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता, महासचिव डॉ. दीपक जैन ने कहा कि ऐसे सीएमई कार्यक्रम डॉक्टरों को चिकित्सा क्षेत्र की नवीनतम जानकारी से अपडेट रखने के साथ मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए समय समय इन्हें करते रहना चाहिए।
