नारीशक्ति वंदन अधिनियम: आधी आबादी को पूरा अधिकार देने की ऐतिहासिक पहल

प्रवीण बत्रा जोशी

भारत में महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता का सशक्त परिचय दिया है, किंतु लंबे समय तक उन्हें राजनीति में उनका समुचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। जबकि देश की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 48.5% है, फिर भी संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत सीमित रही—लोकसभा में लगभग 15% और राज्यसभा में करीब 13%।
यह विडंबना ही रही कि दशकों तक यह विषय केवल वादों और घोषणाओं तक सीमित रहा। किंतु अब देश की राजनीति में एक निर्णायक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी एवं दृढ़ नेतृत्व में नारीशक्ति वंदन विधेयक के माध्यम से महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है।
यह पहल केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक संरचना को अधिक समावेशी, संवेदनशील और सशक्त बनाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री मोदी जी की यह सोच स्पष्ट करती है कि नारी को केवल “लाभार्थी” नहीं, बल्कि “सशक्त भागीदार” के रूप में स्थापित करना ही सशक्त भारत की नींव है। भारतीय जनता पार्टी ने सदैव महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को प्राथमिकता दी है—चाहे वह उज्ज्वला योजना हो, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान हो या महिला सशक्तिकरण से जुड़ी अनेक ऐतिहासिक पहलें।
देश की देवतुल्य जनता ने सर्वप्रथम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को तीसरी बार सेवा का अवसर देकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इसके पश्चात हरियाणा की जनता ने माननीय केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री मनोहर लाल जी एवं मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी की नीतियों पर विश्वास जताते हुए लगातार तीसरी बार अपना आशीर्वाद दिया। उसी कड़ी में फरीदाबाद की जनता ने नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक विजय दिलाकर अपना स्नेह और विश्वास प्रकट किया। इसी जनआशीर्वाद के बल पर आज नारीशक्ति को मजबूत करने के ऐसे निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।
एक महिला मेयर के रूप में मेरा स्वयं का अनुभव रहा है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे विकास, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अत्यंत संवेदनशीलता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती हैं। फरीदाबाद नगर निगम में हमने इसका प्रत्यक्ष अनुभव किया है। यही अनुभव यह विश्वास देता है कि यह विधेयक महिलाओं की इन क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
आज भारत एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां “आधी आबादी” को वास्तव में “पूरा हक” देने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
फरीदाबाद की समस्त मातृशक्ति की ओर से मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में यह ऐतिहासिक पहल की है।
नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है — और मोदी जी के नेतृत्व में यह शक्ति आज अपने स्वर्णिम उत्कर्ष की ओर अग्रसर है।

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